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इमरती देवी मामला: शिवराज का सोनिया को पत्र, कमलनाथ ने पत्र का जवाब देते हुए लिखा- आइटम के कई मतलब होते हैं
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इमरती देवी मामला: शिवराज का सोनिया को पत्र, कमलनाथ ने पत्र का जवाब देते हुए लिखा- आइटम के कई मतलब होते हैं

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ द्वारा मंत्री इमरती देवी पर की गई टिप्पणी से सियासी तूफान थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र का जवाब पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने दिया है। इस पत्र में नाथ ने लिखा है, आप लगातार झूठ परोस रहे हैं और सोनिया गांधीजी को लिखे खत में भी झूठ को इतना बढ़ा-चढ़ाकर लिखा है कि झूठ भी शर्मा जाए।

डबरा की सभा में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए कमल नाथ ने लिखा है, मैंने कोई सम्मानजनक टिप्पणी नहीं की, फिर भी आप और भाजपा झूठ परोस रही है और जिस शब्द की ओर आप इशारा कर रहे हैं, उस शब्द के कई मायने हैं। कई तरह की व्याख्याए हैं, लेकिन सोच में खोट के अनुसार आप और आपकी पार्टी अपनी मनमर्जी की व्याख्या कर झूठ परोसने में लगे और जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। प्रदेश की जनता इस सच्चाई को जानती है कि आप येन केन प्रकारेण अपनी कुर्सी बचाने के लिए चुनाव को वास्तविक मुद्दों से भटकाकर अनैतिक और अतिभावनात्मक राजनीति की ओर ले जा रहे हैं।

कमल नाथ ने इस बात पर भी आश्चर्य जाहिर किया है कि सोनिया गांधी को महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा को लेकर पत्र लिखा गया। उन्होंने लिखा, आपकी 15 वर्षीय सरकार में मध्यप्रदेश बहन-बेटियों से दुष्कर्म, महिलाओं पर अत्याचार और महिला अपराध में देश में शीर्ष पर रहा है और इस दौरान ऐसी घटनाओं पर आप अपने दायित्वों का निर्वहन ना करते हुए सालों तक मौन रहे। पिछले 7 माह की भाजपा सरकार में कोरोना काल में भी बहन-बेटियों के साथ दरिंदगी की घटनाएं घटीं और राज्य फिर दुष्कर्म के मामले में देश में शीर्ष स्थान वाले प्रदेशों के रूप में सामने आ रहा है।

कमल ने हाथरस की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है चाहे वह किसी जाति अथवा धर्म की महिला हो यदि आप सचमुच में महिलाओं और दलित सम्मान को लेकर द्रवित होते तो हाथरस की घटना, स्वामी चिन्मयानंद की घटना, भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर के द्वारा की गई घटनाओं और रीवा जिले में महिला बंदी पर घटित घटनाओं पर मौन और उपवास आवश्य रखते, परंतु आपने पत्र में महिलाओं की जाति का उल्लेख कर अपनी अनैतिक राजनीति की मानसिकता को स्पष्ट तौर पर प्रदर्शित किया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक जीवन का हवाला देते हुए कहा, मैंने 40 वर्ष के सार्वजनिक जीवन में सदैव महिलाओं का सम्मान किया है और मैं सदैव महिलाओं का सम्मान करूंगा, मगर महिलाओं के सम्मान का दिखावा कर आपकी तरह कुत्सित राजनीति कभी नहीं करूंगा। महिलाओं के संबंध में आज तक मैंने कभी भी कोई भी अशोभनीय टिप्पणी नहीं की, जबकि आप की पार्टी के कई नेता महिलाओं पर अशोभनीय टिप्पणी के आदी हैं और उसके कई उदाहरण भी मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने शिवराज से उम्मीद जताई है कि वे राजनीतिक शुचिता और नैतिकता का वास्तविकता में पालन करेंगे और राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा एवं सम्मान के लिए वास्तविक एवं गंभीर प्रयास भी करेंगे।

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