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दो गुटों में बंटा अशोकनगर जैन समाज, दिगंबर जैन पंचायत के अध्‍यक्ष पर लगाया फर्जीवाड़े का आरोप
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दो गुटों में बंटा अशोकनगर जैन समाज, दिगंबर जैन पंचायत के अध्‍यक्ष पर लगाया फर्जीवाड़े का आरोप


  • सत्‍य, अंहिसा, अपरिग्रह जैसे मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित जैन धर्म के अनुयायी अशोकनगर में अपने धर्म के इन्‍हीं सिद्धांतों की जमकर धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।
  • इस पूरी खबर में जानिए, कैसे समाज सेवा का चोला ओड़कर सामाजिक प्रतिष्‍ठा पाने की लड़ाई में जैन समाज के दो गुट एक-दूसरे पर खुलेआम कीचड़ उछाल कर पूरे अशोकनगर जैन समाज का किस तरह मजाक बना रहे हैं।

अशोकनगर, 8 जनवरी, न्यूज़ मंच, अब तक राजनैतिक दल ही चुनाव के दौरान एक-दूसरे पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाते आए हैं, लेकिन अब आरोप-प्रत्‍यारोप की राजनीति समाज विशेष के चुनावों में भी दिखाई देने लगी है। मतदाता सूची में फर्जीवाड़े को लेकर हुए विवाद का ताजा मामला अशोकनगर दिगंबर जैन पंचायत से जुड़ा हुआ है। बीती 9 सितंबर को अशोकनगर जैन समाज का प्रतिनिधित्‍व करने वाली संस्‍था दिगंबर जैन पंचायत के चुनाव हुए थे, इन चुनावों में हारने वाले एक गुट ने जैन समाज के अध्‍यक्ष रमेश चौधरी और अन्‍य पदाधिकारियों पर मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगाए हैं। मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा साबित करने के लिए इस गुट ने हाईकोर्ट की ग्‍वालियर बेंच में भी याचिका लगाई है। कोर्ट में याचिका दायर होते ही जैन समाज के इन दोनों गुटों के बीच राजनैतिक खींचतान शुरू हो गई है, जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई़।

इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब दिगंबर जैन पंचायत के चुनाव में मुनि सेवा संघ पैनल की ओर से खड़े हुए दो प्रत्‍याशियों नीलम जैन "नीलू मामा" एवं मुनेश जैन "विजयपुुुरा" ने चुनाव में हार के बाद दिगंबर जैन पंचायत की पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव शून्‍य घोषित करने की मांग की। अपनी याचिका में दोनों प्रत्‍याशियों ने आरोप लगाया कि तत्‍कालीन पंचायत समिति ने चुनाव के समय जो मतदाता सूची प्रकाशित कराई थी, उस सूची में मतदाताओं के पते, मोबाइल नंबर सहित अन्‍य जरूरी जानकारी का उल्‍लेख नहीं किया गया। चुनाव के बाद किए गए सर्वे में पता चला कि तत्‍कालीन पंचायत समिती ने मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा करते हुए पंचायत क्षेत्र के बाहर के मतदाताओं के नाम जोड़े गए और इन्‍हीं फर्जी वोटरों के जरिए मौजूदा अध्‍यक्ष रमेश चौधरी सहित उनकी पैनल के अन्‍य पदाधिकारियों ने जीत हासिल कर एक बार फिर जैन पंचायत से जुड़े सभी पदों पर कब्‍जा कर लिया। इसके बाद हाईकोर्ट ने समाज के चुनाव में फर्जीवाड़ा और चार सौ बीसी किए जाने के आरोपों के चलते इस मामले में पुलिस रिपोर्ट मांगी।

इसी पूरे घटनाक्रम से नाराज होकर चुनाव में जीत हासिल कर पंचायत का प्रतिनिधित्‍व कर रहे जैन समाज के अध्‍यक्ष रमेश चौधरी ने पंचायत की बैठक में अपने के निर्वाचन केे खिलाफ कोर्ट जाने वाले समाज के दोनों सदस्‍यों के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव पारित कर दिया गया।

पंचायत की बैठक में अपने साथियों के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव की खबरें मीडिया में आने के बाद जैन समाज के अध्‍यक्ष रमेश चौधरी का विरोधी पैनल मुनि सेवा संघ पैनल भड़क गया और उन्‍होंने भी प्रेस कांफ्रेस कर अशोकनगर जैन समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंचायत के पदाधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव पारित कर दिया। इस दौरान जैन समाज के विभिन्‍न संगठनों के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे, और सभी ने अध्यक्ष के खिलाफ आरोपोों की बौछार कर दी।

मुनिसेवा संघ ने बताया ऐसे हुआ फर्जीवाड़ा:-

सोमवार को मुनि सेवा संघ समिति के सदस्यों के साथ चुनाव मे भाग लेने वाले प्रत्याशियों के साथ थूवोन कमेटी, दयोदय पशु सेवा केन्द्र, जैन युवा वर्ग सहित अन्य संगठनों के सदस्यों ने होटल मैत्री में प्रेसवार्ता आयोजित कर वर्तमान कमेटी पर गंभीर आरोप लगाए। इससे पहले करीब चार दिन पूर्व जैन पंचायत कमेटी की बैठक में  याचिका लगाने वाले नीलम जैन व मुनेश विजयपुरा के विरुद्ध पंचायत कमेटी ने निंदा प्रस्ताव पास करते हुए अन्य आरोप लगाए थे। जिसके बाद दूसरे ग्रुप ने भी पंचायत कमेटी पर आरोप लगाते हुए प्रेसवार्ता की। प्रेस वार्ता में जैन पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष गिरीश जैन अथाईखेड़ा, विजय धुर्रा, शैलेन्द्र श्रृंगार, सौरभ बांझल, पवन जैन, नीलम जैन, राकेश लालाजी सहित अन्य लोगों ने अध्यक्ष रमेश चौधरी पर पदलोलुपता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पंचायत के चुनाव विधान के नियमानुसार नहीं हुए है। गिरीश अथाईखेड़ा ने बताया कि चुनाव में अनियमितता के कारण शिकायत की है। अनियमितता के निराकरण के लिये उन्होंने न्यायालय की शरण ली है और पंचायत कमेटी ने न्यायालय के निर्णय आने से पहले ही याचिका दायर करने वालों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास कर दिया। उन्होंने बताया कि पंचायत ने चुनाव के समय जो सूची बनाई थी तब मतदाता से मोबाइल नंबर भी मंगाए गए थे। लेकिन जब मतदाता सूची प्रकाशित हुई उस सूची में मोबाइल नंबर प्रकाशित नहीं किया। सदस्य बनने क बाद सूची सार्वजनिक नहीं की तथा जो मतदाता बने उनका पूरा पता नहीं लिया। तीन दिन का समय दिया गया चुनाव बाद सर्वे हुआ तब पता चला कि वाहर के मतदाताओं के नाम जोड़कर वोट डलवाए गए। जानकारी आने के बाद न्यायालय में प्रकरण रखा है। जैन समाज नैतिकता के आधार पर चलती है। यहां नैतिकता की धज्जियां उड़ाई गई यह समाज में अच्छी परपंरा नहीं है। तुम नहीं सुनोगे तो सदस्य न्यायालय नहीं जाए तो कहां जाए।

शैलेन्द्र जैन ने बताया कि  सितम्बर में सम्पन्न हुए दिगम्बर जैन पंचायत के चुनाव में अध्यक्ष रमेश चौधरी व तत्कालीन महामंत्री महेन्द्र कड़ेसरा द्वारा जैन समाज की गरिमा के बिपरीत जाकर समय सीमा में चुनाव न कराते हुए वमुश्किल वर्षों बाद फ र्म एण्ड सोसायटी व प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद पूर्व नियोजित षडयंत्र के तहत् चुनाव सम्पन्न कराये और चुनाव में कई अनियमितताएं बरतते हुए विधान की धारा7 का उल्लंघन किया। विधान में स्पष्ट उल्लेख है कि नगरपालिका क्षेत्र में निवास करने वाले परिवार का मुखिया ही पंचायत के मतदान में शामिल हो सकता है लेकिन अध्यक्ष व मंत्री ने पदलोलुप्ता के चलते भोपाल, गुना, ललितपुर, विदिशा, सेहराई, कचनार, शाढौरा, अथाईखेडा, बंगला चौराहा, बमनावर एवं राजपुर आदि स्थानों के अपने रिश्तेदारों को व समर्थकों को मतदाता सूची में शामिल किया। जो नगरपालिका क्षेत्र के बाहर के व्यक्ति हैं। इस तरह का फर्जीबाडा जैन समाज के इतिहास में पहली वार देखने व सुनने को मिला है। इन लोगों ने सभी मर्यादाओं को तार-तार करते हुए इस धार्मिक संस्था के चुनाव को राजनैतिक चुनाव से भी बदतर बना दिया। सूची मे गढ़बढ़ी के कारण ही कुछ उम्मीदवार मात्र दो से सात मतों के कम अंतर से हारे। इस धोखे से सारी जैन समाज को न्याय दिलाने जागरुक मतदाताओं ने न्यायालय की शरण लेकर चुनाव शून्य घोषित करने न्यायालय की शरण ली है। न्यायालय ने भी परिवाद स्वीकार कर धारा 420 की गंभीरता को देखते हुए पुलिस रिपोर्ट भी मांगी है। 

निंदा प्रस्ताव से हुई है कोर्ट की अवमानना

पंचायत कमेटी द्वारा दोनों सदस्यों के प्रति डाले गए निंदा प्रस्ताव को मुनि सेवा संघ पैनल ने न्यायालय की अवमानना बताया है। मुनि सेवा संघ के सदस्‍यों ने जैन समाज के अध्यक्ष रमेश चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि अपनी करतूत उजागर होने से घबराकर उन्होंने परिवाद पेश करने वाले सदस्यों के प्रति निंदा प्रस्ताव पारित किया है, ताकि वह दबाब में आकर यह प्रकरण वापिस लेलें। मुनि सेवा संघ से जुडे सदस्‍यों ने कहा कि कोर्ट का फैसला आने से पहले ही उनके साथियों द्वारा दायर किए गए परिवाद के विरुद्ध लाए गए निंदा प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले दिगंबर जैन पंचायत के सदस्यों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना का प्रकरण दायर करेंगे।

केस लड़ने में पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर की अध्‍यक्ष की निंदा

मुनि सेवा संघ के सदस्‍यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जैन पंचायत की राशि का उपयोग सिर्फ मंदिर निर्माण, संत वैयावृत्ति एवं जिनवाणी मां की सेवा के लिए निहित है। लेकिन मौजूदा पंचायत के सदस्‍य दानदाताओं द्वारा सामाजिक कार्यो के लिए दी गई राशि का दुरुउपयोग खुद की काली कारगुजारी छिपाने के लिए कोर्ट में केस लड़ने में खर्च करेंगे, इसके लिए बकायदा प्रस्‍ताव भी डाला गया है। मुन‍ि सेवा संघ के सदस्‍यों ने इसे गलत बताते हुए पंचायत द्वारा ऐसे खर्चों पर रोक लगाए जाने की जरूरत बताई गई। प्रेस कांफ्रेस में मुनि सेवा संघ की ओर से केवलचंद जैन, पदम बांझल, पवन बर्तन, विनोद मोदी, राजीव चंदेरी, सुनील अखाई, प्रमोद मंगलदीप, मनीष सिंघई, निर्मल मिर्ची, महेश घमंडी, मनोज भोला, नीरज रतलामी, वेभव जैन, सुयोग जैन, मनीष महु सहित अन्य उपस्थित रहे।

चौधरी का पलटवार- मुनि सेवा संघ से जुड़े हुए सदस्‍य वर्षों से थूवोन कमेटी में काबिज, नहीं देते खर्च का हिसाब

मुनि सेवा संघ पैनल के सदस्‍यों द्वारा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर दिगंबर जैन पंचायत के अध्‍यक्ष रमेश चौधरी भी विरोधियों पर पलटवार करते हुए नजर आए। उन्‍होंने कहा कि पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख एवं निर्देशन में संपन्‍न हुई है, निर्वाचन से जुड़े सभी तथ्‍यों के बारे में दोनों ही पैनलों के सदस्‍यों को बताया गया है। निर्वाचन अधिकारी ने दोनों ही पैनलों के सदस्‍यों को वोटर लिस्‍ट दिखाई थी और सभी ने हस्‍ताक्षर भी किए थे। दोनों ही पैनलों द्वारा पूरी प्रक्रिया पर लिखित सहमति देने के बाद ही निर्वाचन प्रक्रिया सम्‍पन्‍न हुई है। चौधरी ने कहा कि चुनाव हारने के बाद कोर्ट जाने का औचित्‍य नहीं था, इस लिए निंदा प्रस्ताव पारित किया है। अब जो लोग वोटर लिस्‍ट को लेकर आरोप लगा रहे हैं, उन्‍होंने तब ही क्‍यों नहीं देखा, जब वोटर लिस्ट आई। जैन पंचायत के अध्‍यक्ष ने कहा कि चुनाव हारने की वजह से यह लोग आरोप लगा रहे है। उन्‍होंने कहा कि दिगबंर जैन पंचायत को पूरे जैन समाज द्वारा चुना गया है और अगर कोई पंचायत के खिलाफ केस लगाता है, तो पंचायत ही केस लड़ेगी और वकील का खर्चा भी पंचायत वहन करेगी। वहीं उन्‍होंने लंबे समय तक पंचायत के चुनाव नहीं कराए जाने के आरोप पर भी विरोधियों पर निशाना साधा। उन्‍होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मुनि सेवा संघ पैनल से जुड़े हुए अधिकतर सदस्‍य श्री थूवोन तीर्थ क्षेत्र कमेटी में हैं और यह सभी लंबे समय से श्री थूवोन तीर्थ क्षेत्र कमेटी का चुनाव नहीं होने दे रहे हैं और न ही खर्च का हिसाब दे रहे हैं।

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