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आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी केंद्र सरकार - सिर्फ सवर्ण हिंदू ही नहीं, गरीब अल्पसंख्यक भी आएंगे दायरे में
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आर्थिक आधार पर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देगी केंद्र सरकार - सिर्फ सवर्ण हिंदू ही नहीं, गरीब अल्पसंख्यक भी आएंगे दायरे में

भोपाल, 7 जनवरी, न्यूज़ मंच, मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले सामान्य वर्ग के लिए सरकारी नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सोमवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को पास कर दिया गया। मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग में आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर तबके को नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला लिया है। 

इस व्यवस्था में धर्म की कोई बाधा नहीं 
केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले में धर्म की कोई बाधा शामिल नहीं की गई है। यानी सामान्य श्रेणी में आने वाले देश के हर गरीब नागरिक को इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा, उसमें हिंदू से लेकर मुस्लिम और दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यक भी शामिल हैं। 

हर संप्रदाय के सामान्य श्रेणी वाले गरीब को लाभ
कैबिनेट के फैसले में आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था का फायदा पाने वाले किसी भी जाति वर्ग को इसका लाभ नहीं मिलेगा। यानी ओबीसी या एससी-एसटी आरक्षण का जो लोग फायदा उठा रहे हैं वे नई व्यवस्था में शामिल नहीं किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने अपने फैसले को धर्म से परे रखते हुए हर संप्रदाय के सामान्य श्रेणी वाले गरीब को इस आरक्षण का लाभ पहुंचाने का फैसला लिया है। 

मंगलवार को लोकसभा में होगा संविधान संशोधन विधेयक पेश
भाजपा ने अपने सभी सांसदों को मंगलवार को लोकसभा में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया। माना जा रहा है कि सरकार मंगलवार को ही लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक पेश कर सकती है। 

यह है आरक्षण का नया फॉर्मूला
सूत्रों के मुताबिक आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत किया जाएगा। इसमें से 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए होगा। बता दें कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछड़े सामान्य वर्ग के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी। केंद्र सरकार को आरक्षण के इस नए फॉर्मूले को लागू करने के लिए आरक्षण का कोटा बढ़ाना होगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय संविधान में आर्थिक आधार पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में सरकार के पास इस महत्वपूर्ण पहले को अमलीजामा पहनाने के लिए संविधान संशोधन ही एकमात्र रास्ता है। 

इन लोगों को मिलेगा फायदा 
अगर कोई मुस्लिम सामान्य श्रेणी में आता है और वह आर्थिक रूप से कमजोर है तो उसे 10 फीसदी आरक्षण का फायदा मिलेगा। इनके अलावा दूसरे धार्मिक अल्पसंख्यकों के सामान्य श्रेणी वाले गरीबों को भी आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम होगी, वे भी आरक्षण के पात्र होंगे। जिनके पास 5 हेक्टेयर से कम की खेती की जमीन हो, जिनके पास 1000 स्क्वेयर फीट से कम का घर हो, जिनके पास निगम की 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो, जिनके पास 209 गज से कम की निगम की गैर-अधिसूचित जमीन हो और जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के अंतर्गत नहीं आते हों, उन्हें इस योजना में लाभ मिलेगा। 

फिलहाल यह है आरक्षण की स्थिति
उल्लेखनीय है कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के तहत अनुसूचित जाति (एससी) को 15 फीसदी, अनुसूचित जनजाति (एसटी) को 7.5 फीसदी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 फीसदी आरक्षण दिया जाता है। यानी कुल 49.5 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था फिलहाल लागू है। अब सरकार ने इससे अलग सामान्य श्रेणी वाले गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार संविधान में संशोधन करने जा रही है। 

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