• Last Update 06:11 am

J&K: शोपियां जिले में 30 साल बाद जश्न-ए-चिल्लई कलां का आयोजन, संगीत समारोह से सर्दियों के सबसे कठोर दौर का स्वागत
State

J&K: शोपियां जिले में 30 साल बाद जश्न-ए-चिल्लई कलां का आयोजन, संगीत समारोह से सर्दियों के सबसे कठोर दौर का स्वागत

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में 30 साल बाद जश्न-ए-चिल्लई कलां का आयोजन किया गया।  जश्न-ए-चिल्लई कलां एक संगीत समारोह है जिससे सर्दियों के सबसे कठोर दौर का स्वागत किया जाता है। बाटापोरा स्टेडियम में शोपियां की 44 राष्ट्रीय राइफल्स के आयोजित इस कार्यक्रम में पुलवामा और बडगाम सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्घाटन जीओसी विक्टर फोर्स, जनरल रेशिम बाली ने किया और इसमें कई जिला प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने शिरकत की।

जनरल बाली ने युवाओं से एक शिक्षित कश्मीरी समाज के लिए प्रयास जारी रखने और विकास और शांति लाने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर में बदलाव की बयार को महसूस किया जा सकता है और शोपियां में आयोजित सांस्कृतिक उत्सव को देखना खुशी की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर के युवा भविष्य हैं और उनको समाज के जिम्मेदार नागरिकों के रूप में पोषित करने की जरूरत है। वॉल ऑफ काइंडनेस, फेस्टिवल में जरूरतमंदों और बेघरों के लिए एक पहल भी की गई थी। स्थानीय लोगों ने भारी तादाद में अपने कपड़े और अन्य सामान जरूरतमंदों व बेघरों के लिए दान कर दिए। इस महोत्सव का उद्देश्य कश्मीरी संस्कृति, हस्तशिल्प और व्यंजनों को भी बढ़ावा देना था।

ब्रिगेडियर 12 सेक्टर आरआर, अजय कटोच, सीओ 44 आरआर, ए.के. सिंह, शोपियां के उपायुक्त चौधरी मोहम्मद यासीन, शोपियां के एसएसपी अमृत पाल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। जनरल बाली ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि जश्न-ए-चिल्लई कलां कश्मीर को दुनिया के बाकी हिस्सों से अलग बनाता है और घाटी में और अधिक सुंदरता जोड़ता है। उन्होंने कहा कि चिल्लई कलां कश्मीरियों की अंतर्राष्ट्रीय पहचान है और हमें कश्मीरियों के चिल्लई कलां का गर्मजोशी से स्वागत करना होगा।

बता दें कि कश्मीर में सर्दियों का सबसे कठोर दौर चिल्लई कलां, सोमवार से शुरू हुआ है। यह 40 दिन चलेगा। चिल्लई कलां के दौरान पारा माइनस में ही रहता है। इस दौरान सर्दी बढ़ने से पानी के स्रोत जम जाते हैं। प्रशासन ने इसके मद्देनजर खाद्यान्न समेत अन्य जरूरी सामग्री का भरपूर भंडारण कर लिया है। कश्मीर में भीषण सर्दी 21 दिसंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक रहती है। 

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments