
17 दिसंबर, न्यूज़ मंच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर केंद्र पर हमला करते हुए, सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार के फैसले की एक अहम् बिंदु पर ज़ोर दिया, जिसमें अदालत ने कहा कि इससे पहले दी गई जानकारी से पता चलता है, कि केंद्र ने संसद में लड़ाकू जेट के मूल्य निर्धारण विवरण का खुलासा नहीं किया लेकिन इसे CAG को बताया।
सिब्बल ने कहा, "वे (बीजेपी) कैसे कह सकते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को क्लीन चिट दे दी है। यदि आप (सरकार) ने सबूत नहीं दिए हैं, तो ऐसा कुछ नहीं, यदि क्रॉस - एग्जामिनेशन नहीं हुआ है, तो आपको किसने क्लीन चिट दी है। केवल जेपीसी, जिसे अभी या बाद में बनाया जाएगा, इसकी जांच कर सकती हैं।"
कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष "गलत तथ्यों" को पेश किया जिसके चलते राफले विमान सौदे के फैसले में "तथ्यात्मक गलती" की वजह से सरकार को कोर्ट से राहत मिली है।
सुप्रीम कोर्ट सरकार को अवमानना का नोटिस जारी करे : आनंद शर्मा
कांग्रेस के नेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार ने संसद के दोनों सदनों के विशेषाधिकार का उल्लंघन किया है, और झूठा दावा किया है कि राफेल मूल्य निर्धारण पर CAG रिपोर्ट PAC को प्रस्तुत की गई थी।
सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया और जब इस त्रुटि पर ध्यान दिलाया गया तो उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय अंग्रेजी भाषा को समझ नहीं सका!
उन्होंने कहा, "हम मांग करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट तुरंत उस निर्णय को वापस ले। ऐसा करना सुप्रीम कोर्ट की गरिमा के हित में होगा, क्योंकि इस पूरे एपिसोड से उच्चतम न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंची है, जिसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट को सरकार को अवमानना नोटिस जारी करना होगा।"
प्रधान मंत्री को पता होना चाहिए कि त्रुटि किसने की : सुब्रमण्यम स्वामी
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने रविवार को प्रधान मंत्री मोदी से यह आग्रह किया कि वो पता करें कि राफले सौदे के मामले में हलफनामे तैयार करते हुए किससे यह त्रुटि हुई ।
उन्होंने कहा, "अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि उसने ऐसा नहीं किया है, तो इस हलफनामे को किसने तैयार किया? मुझे लगता है कि प्रधान मंत्री को यह पता लगाना चाहिए क्योंकि यह शर्म की बात है कि हम एक उचित अंग्रेजी मसौदा भी तैयार नहीं कर सकते हैं, वे इसे हिंदी में भी दे सकते थे।"
संसद में अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाना चाहिए : सीताराम येचुरी
सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि संसद में अटॉर्नी जनरल को बुलाया जाना चाहिए क्यूंकि उन्होंने केंद्र को सुप्रीम कोर्ट के सामने गलत हलफनामा देने की अनुमति दी।
उन्हीने कहा, "अब यह स्पष्ट है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारी दी और अदालत ने इसके आधार पर फैसला सुनाया। इसे पहले संसद में जाना चाहिए था, इसके बजाय सीधे न्यायपालिका के पास गया; यह संवैधानिक संस्थानों का उल्लंघन है। इसका केवल AG जवाब दे सकते है और उन्हें संसद द्वारा बुलाया जाना चाहिए।"
सुप्रीम कोर्ट के सामने "गलत तथ्यों" क्यों दिए : संजय सिंह
राज्यसभा सांसद और आप नेता संजय सिंह ने ऊपरी सदन के चेयरमैन से अटॉर्नी जनरल को यह बताने के लिए अनुरोध किया कि राफले सौदे के मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने "गलत तथ्यों" क्यों दिए गए थे।
सिंह ने राज्यसभा अध्यक्ष और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को एक पत्र में लिखा, "इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, आपसे सदन में अटॉर्नी जनरल (केके वेणुगोपाल) को बुलाने का अनुरोध किया जाता है, ताकि सदन को इस मामले में सही जानकारी हो।"
Leave Comments