
भोपाल। मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के इतिहास में पहली बार किसी राज्य में एक साथ 28 सीटों पर उपचुनाव के लिए आज वोटिंग हो रही है। शाम 6 बजे तक मतदान होगा। प्रदेश की 28 सीटों पर 355 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 22 महिला प्रत्याशी हैं। कांग्रेस और बीजेपी के बीच ज्यादातर सीटों पर सीधी लड़ाई मानी जा रही है जबकि कुछ सीटों पर बसपा और निर्दलीय ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है। यह उपचुनाव सूबे के शिवराज सरकार की भविष्य का फैसला करेगा तो कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सीएम कमलनाथ की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
उपचुनाव में 19 जिलों की 28 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले मतदान के प्रतिशत की अपडेट जानकारी 'Voter turnout' पर मिलेगी। eci.gov.in/voter-turnout के जरिए भी वोटिंग प्रतिशत की जानकारी मिल सकेगी।
मध्य प्रदेश की जिन 28 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं, उनमें से ग्वालियर-चंबल इलाके की 16 सीटें हैं। इनमें मुरैना, मेहगांव, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर, डबरा, बमोरी, अशोक नगर, अम्बाह, पोहारी,भांडेर, सुमावली, करेरा, मुंगावली, गोहद, दिमनी और जौरा सीट शामिल है. वहीं, मालवा-निमाड़ क्षेत्र की सुवासरा, मान्धाता, सांवेरस आगर, बदनावर, हाटपिपल्या और नेपानगर सीट है. इसके अलावा सांची, मलहरा, अनूपपुर, ब्यावरा और सुरखी सीट है। इसमें से जौरा, आगर और ब्यावरा सीट के 3 विधायकों के निधन के चलते उपचुनाव हो रहे हैं।
मध्य प्रदेश की 28 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम
1. जौरा- पंकज उपाध्याय (कांग्रेस) - सुबेदार सिंह राजौधा (भाजपा) - सोनेराम कुशवाह (बसपा)
2. सुमावली - अजय सिंह कुशवाह (कांग्रेस) - एंदल सिंह कंषाना (भाजपा) - राहुल डंडौतिया (बसपा)
3. मुरैना - राकेश मावई (कांग्रेस) - रघुराज सिंह कंषाना (भाजपा) - रामप्रकाश राजौरिया (बसपा)
4. दिमनी - रविंद्र सिंह तोमर (कांग्रेस) - गिर्राज डंडौतिया (भाजपा) - राजेंद्र सिंह कंषाना (बसपा)
5. अंबाह (अजा) - सत्य प्रकाश रखवार (कांग्रेस) - कमलेश जाटव (भाजपा) - भानूप्रताप संखवार (बसपा)
6. मेहगांव - हेमंत कटारे (कांग्रेस) - ओपीएस भदौरिया (भाजपा) - योगेश नरवरिया (बसपा)
7. गोहद (अजा) - मेवाराम जाटव (कांग्रेस) - रणवीर सिंह जावट (भाजपा) - जसवंत पटवारी (बसपा)
8. ग्वालियर - सुनील शर्मा (कांग्रेस) - प्रद्युम्न सिंह तोमर (भाजपा) - हरपाल मांझी (बसपा)
9. ग्वालियर पूर्व - सतीश सिकरवार (कांग्रेस) - मुन्नालाल गोयल (भाजपा) - महेश बघेल (बसपा)
10. डबरा (अजा) - सुरेश राजे (कांग्रेस) - इमरती देवी (भाजपा) - संतोष गौड (बसपा)
11. भांडेर (अजा) - फूलसिंह बरैया (कांग्रेस) - रक्षा संतराम सरौनिया (भाजपा) - महेंद्र बौद्ध (बसपा)
12. करैरा (अजा) - प्रागीलाल जाटव (कांग्रेस) - जसमंत जाटव छितरी (भाजपा) - राजेंद्र जाटव (बसपा)
13. पोहरी - हरिवल्लभ शुक्ला (कांग्रेस) - सुरेश धाकड़ (भाजपा) - कैलाश कुशवाह (बसपा)
14. बामोरी - कन्हैयालाल अग्रवाल (कांग्रेस) - महेंद्र सिंह सिसौदिया (भाजपा) - रमेश डाबर (बसपा)
15. अशोक नगर (अजा) - आशा दोहरे (कांग्रेस) - जजपाल सिंह जज्जी (भाजपा) - सुश्री स्ट्रोम बिलिन भंडारी (बसपा)
16. मुंगावली - कन्हैयालाल लोधी (कांग्रेस) - बृजेंद्र सिंह यादव (भाजपा) - वीरेंद्र शर्मा (बसपा)
17. सुरखी - पारुल साहू (कांग्रेस) - गोविंद सिंह राजपूत (भाजपा) - गोपाल प्रसाद अहिरवार (बसपा)
18. मलहरा - रामसिया भारती (कांग्रेस) - प्रद्युम्न सिंह लोधी (भाजपा)
19. अनूपपुर (अजजा) - विश्वनाथ सिंह कुंजाम (कांग्रेस) - बिसाहू लाल सिंह (भाजपा) - सुशील सिंह परस्ते (बसपा)
20. सांची (अजा) - मदनलाल चौधरी अहिरवार (कांग्रेस) - डा. प्रभुराम चौधरी (भाजपा) - पूरनलाल अहिरवार (बसपा)
21. ब्यावरा - रामचंद्र दांगी (कांग्रेस)- नारायण सिंह पवार (भाजपा) - गोपाल सिंह भिलाला (बसपा)
22. आगर (अजा) - विपिन वानखेड़े (कांग्रेस) - मनोज ऊंटवाल (भाजपा) - गजेंद्र बंजारिया (बसपा)
23. हाटपीपल्या - राजवीर सिंह बघेल (कांग्रेस) - मनोज चौधरी (भाजपा) - राजेश नागर (बसपा)
24. मांधाता - उत्तम राजनारायण सिंह (कांग्रेस) - नारायण पटेल (भाजपा) - डा. जितेंद्र वासिंदे (बसपा)
25. नेपानगर (अजजा) - रामकिशन पटेल (कांग्रेस) - सुमित्रा देवी कास्डेकर (भाजपा) - भल सिंह पटेल (बसपा)
26. बदनावर - कमल पटेल (कांग्रेस) - राजवर्धन सिंह दत्तीगांव (भाजपा) - ओम प्रकाश मालवीय (बसपा)
27. सांवेर (अजा) - प्रेमचंद गुड्ड (कांग्रेस) - तुलसीराम सिलावट (भाजपा) - विक्रम सिंह गहलोत (बसपा)
28. सुवासरा - राकेश पाटीदार (कांग्रेस) - हरदीप सिंह दांग (भाजपा) - शंकर लाल चौहान (बसपा)
भाजपा को 9 और कांग्रेस को 28 सीटों पर जीत की जरूरत
मध्य प्रदेश में कुल 230 विधानसभा सीटें है, जिनमें से 28 पर उपचुनाव हो रहा है। भाजपा के पास अभी 107 सीटें हैं और बहुमत के लिए उसे 9 सीटों पर जीत की जरूरत है। वहीं कांग्रेस के पास 88 सीटें हैं और बहुमत के लिए उसे 28 सीटों पर जीत की जरूरत है। लेकिन अगर कांग्रेस मिली जुली सरकार के बनाने की सोचती है तो उसे 21 सीटों पर जीत की जरूरत होगी। बहुमत के आंकड़े से दूर होने पर सात बसपा, सपा और निर्दलीय विधायकों की भूमिका अहम हो जाएगी।
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