
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा की घटना के मुद्दे पर दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को तलब किया है। नगरोटा में गुरुवार को हुए एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के पाकिस्तान कनेक्शन के सबूत के बाद पाकिस्तानी उच्चायोग के अधिकारी को तलब किया गया है। दरअसल, आतंकवादियों के पास से जो चीजें बरामद की गई है उसके पाकिस्तान कनेक्शन का पता चला है। बताया जा रहा है कि आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से लगातार संपर्क में थे।
आतंकियों के पास से पाकिस्तान की एक कंपनी का डिजिटल मोबाइल रेडियो (डीएमआर) बरामद किया गया था। इसी के जरिए इन आतंकियों की पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं से बात हो रही थी। बरामद मोबाइल के मैसेज में ये बात पता चली है। डीएमआर पर आतंकियों को मैसेज किया गया कि कहां पहुंचना है? क्या माहौल है? कोई मुश्किल तो नहीं है? इस मामले में जांच करने वाली एजेंसी को शक है कि ये मैसेज पाकिस्तान के शकरदढ़ से भेजा गया था।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाईलेवल मीटिंग भी की थी। इस मीटिंग में गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव शामिल हुए थी। नगरोटा मुठभेड़ से संबंधित अधिकारी भी इस मीटिंग में मौजूद रहें। बताया जा रहा है कि आतंकी 26/11 की बरसी पर बड़ा आतंकी हमला करना चाहते थे।
मीटिंग के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा था, 'हमारे सुरक्षा बलों ने एक बार फिर अत्यंत बहादुरी और पेशेवर तरीका प्रदर्शित किया। उनकी सतर्कता के कारण, उन्होंने जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर के लोकतांत्रिक प्रयासों को खत्म करने के एक नापाक साजिश को हराया है। पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 4 आतंकवादियों का एनकाउंटर और उनके पास से बड़ी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि साजिश को एक बार फिर विफल कर दिया गया है।'
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