
नयी दिल्ली। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि देश में संसदीय चुनाव और विधानसभा चुनावों को एकसाथ कराने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में प्रसाद ने यह भी कहा कि कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय से संबंधित स्थायी समिति से जुड़े विभाग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों को साथ कराने के मुद्दे पर गौर किया है तथा चुनाव आयोग समेत कई संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श भी किया है।
मंत्री ने कहा कि समिति ने अपनी 79वीं रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिए थे। यह पूछे जाने पर कि लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने को लेकर कोई समयसीमा तय की गई है तो प्रसाद ने ‘नहीं’ में जवाब दिया। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी एस चौहान की अध्यक्षता वाले विधि आयोग ने कुछ साल पहले यह सुझाव दिश था कि सरकारी धन की बचत के लिए लोकसभा और विधानसभा चुनावों को एक साथ कराया जाए।
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