
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में नए भूमि कानून का पीपल्स डेमोक्रेटिक फार्टी (पीडीपी) विरोध कर रही है। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन के लिए पहुंचे पीडीपी के कार्यकर्ताओं और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को हिरासत में ले लिया। पीडीपी ने श्रीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय से नए भूमि कानून के विरोध में प्रोटेस्ट रैली का आयोजन किया था। इससे पहले मंगलवार को राजनीतिक दलों के गठबंधन ‘गुपकार घोषणा के लिए पीपल्स अलायंस’ ने भी भूमि संबंधी कानूनों में संशोधन की निंदा की थी और सभी मोर्चों पर इनका मुकाबला करने का संकल्प जताया था।
क्या कहा महबूबा मुफ्ती ने?
केंद्र सरकार के इस एक्शन को लेकर मबबूबा मुफ्ती ने कहा, 'श्रीनगर में पीडीपी के ऑफिस को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सील कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वो लोग शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। आपकी नजर में क्या यही 'सामान्य' हालात हैं जो आप पूरी दुनिया को दिखा रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'पीडीपी के पारा वाहिद, खुर्शीद आलम, राउफ भट्ट, मोहसिन कय्यूम, ताहिर सईद, यासीन भट्ट और हामिद कोहसिन को गिरफ्तार किया गया है। क्योंकि ये लोग उपनिवेशवादी औपनिवेशिक भूमि कानून का विरोध कर रहे थे। जो प्रदेश की जनता पर लाद दिया गया है। हमलोग एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे और डेमोग्राफी बदलने की केंद्र सरकार की कोशिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
PDP office in Srinagar sealed by J&K admin & workers arrested for organising a peaceful protest. A similar protest was allowed in Jammu so why was it thwarted here? Is this your definition of ‘normalcy’ thats being showcased in the world? @PMOIndia@HMOIndia@manojsinha_pic.twitter.com/j9Y5L5WTyQ
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) October 29, 2020
बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बेहद अहम फैसला लिया है। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोई भी जमीन खरीद सकता है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया था। हालांकि खेती की जमीन खरीदने पर अभी रोक जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत यह फैसला लिया गया है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
अनुच्छेद 35ए के हटने के बाद ये संभव हो पाया है। ये अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार देता था। इस के चलते देश के किसी अन्य हिस्से में रहने वाला व्यक्ति यहां जमीन नहीं खरीद सकता था। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर की लड़की यदि अन्य राज्य के किसी लड़के से शादी करती थी तो उसका अपनी पैतृक संपत्ति से अधिकार खत्म हो जाता था।
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