
न्यूजमंच, ग्वालियर।पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ज्योतिरातित्य सिंधिया पर 5100 रुपए का इनाम रखना प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत को महंगा पड़ गया। दरअसल, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने आज ग्वालियर शहर में भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए थे। जिसके बाद सिंधिया सर्मथक मोहित जाट एवं राहुल गोयल की शिकायत पर ग्वालियर के झांसी रोड थाने में राजावत के विरुद्ध धारा 188 एवं 505 (1) (C) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर पुलिस हिरासत में लेकर उन्हें आज शाम कोर्ट ले जाया गया, लेकिन समय निकल जाने के कारण कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। झांसी रोड थाना टीआई रमेश शाक्य ने न्यूजमंच को बताया कि शिकायत के बाद राजावत के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कोर्ट ले जाया गया था, लेकिन देर हो जाने के कारण उन्हें कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका, अब राजावत को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
राजावत ने बताया इसलिए लगाया था पोस्टर
सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगाकर कानूनी मुश्किलों में फंसे कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने बताया कि उन्होंने ग्वालियर के महल गेट से पोस्टर लगाने की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि कांग्रेस द्वारा पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में सिंधिया के गुमशुदा होने के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। राजावत ने कहा हमारे जन सेवक जिन्हें कांग्रेस में रहकर घुटन हो रही थी, वे जन-सेवा नहीं कर पा रहे थे। साथ ही जिन अतिथि विद्वानों के लिए वह सड़क पर उतरने की बात कह रहे थे, आज उन्हीं अतिथि विद्वानों को 3 महीने से वेतन नहीं मिला है। हजारों मजदूर, छोटे-छोटे बच्चे पैदल जा रहे हैं। लोग कोरोना वायरस की भयानक बीमारी से मर रहे हैं। राजावत ने कहा कि इन हालातों में आज ऐसे ही जनसेवक की जरूरत है। इसलिए हमारे जन सेवक को ढूंढ कर लाने वाले को हमने 5100 रुपए नगद देने की घोषणा की है।
इधर, कमलनाथ और नकुलनाथ के पोस्टर लगाने वालों पर अब तक कोई कार्रवाई ही नहीं:-
सिंधिया की गुमशुदगी के पोस्टर लगने से पहले 19 मई को अज्ञात लोगों द्वारा छिंदवाड़ा में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और छिंदवाड़ा से कांग्रेस सांसद (कमलनाथ के बेटे) नकुलनाथ के लापता होने के पोस्टर लगाए गए थे। अपने नेता की गुमशुदगी के पोस्टर लगाए जाने से नाराज छिंदवाड़ा के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय कोतवाली में अज्ञात लोगों के विरुद्ध शिकायत की थी, तब उक्त शिकायत पर पुलिस ने जांच की बात कही थी। लेकिन अब तक उस मामले मेंं, न ही कोई कार्रवाई की गई। इन पोस्टर्स में में कमलनाथ एवं नकुलनाथ दोनों नेताओं की फोटो के साथ लिखा हुआ था 'गुमशुदा की तलाश’ छिन्दवाड़ा के विधायक एवं सांसद को इस संकट काल में छिन्दवाड़ा की जनता ढूंढ रही है, जो इन्हें छिंदवाड़ा लेकर लाएगा, उसे 21,000 रुपये का नगद इनाम दिया जायेगा।'
सिंधिया को लेकर लगाए गए पोस्टर में कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने सीधे जिम्मेदारी लेते हुए अपना नाम लिखा है। वहीं कमलनाथ और नकुलनाथ से जुड़े पोस्टर में प्रकाशक रूप में समस्त मतदाता छिंदवाड़ा विधानसभा एवं लोकसभा लिखा गया था।अपने नेता के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जाने पर छिंदवाड़ा के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने छिन्दवाड़ा कोतवाली के थाना प्रभारी विनोद कुशवाह को ज्ञापन देकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर छिंदवाड़ा कोतवाली पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी।
ग्वालियर में राजनैतिक आतंकवाद फैला रहा है प्रशासन: केके मिश्रा, कांग्रेस प्रवक्ता
सिंधिया के गुमशुदगी वाले पोस्टर लगाए जाने पर अपने एक नेता के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाने के मामले में कांग्रेस आक्रामक रुख अख्तियार करती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने न्यूजमंच से बात करते हुए कहा कि प्रज्ञा ठाकुर, कमलनाथ जी और एनपी प्रजापति जी को लेकर भी सोशल मीडिया में इस तरह की बातें सामने आईं थीं। लेकिन उन मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर में प्रशासन राजनैतिक आतंकवाद फैलाना चाह रहा है। चुनाव के पहले ही प्रशासन का जो तेवर दिखाई दे रहा है, उससे प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के अन्य नेताओं पर राष्ट्रद्रोह का प्रकरण भी दर्ज कर सकते हैं। छिंदवाडा़ में कमलनाथ एवं नकुलनाथ से जुड़े पोस्टर मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सोशल मीडिया में राहुल गांधी जी और नरेन्द्र मोदी जी के विरुद्ध भी इस तरह के बहुत मामले आते हैं। ग्वालियर में की गई कार्रवाई सत्ता की चापलूसी में किया गया अतिरेक है। मिश्रा ने कहा कि फिलहाल धारा 144 लागू होने के कारण सड़क पर नहीं उतर सकते, लेकिन कांग्रेस हर मंच के जरिए अपनी बात जनता के सामने अपनी बात रखेगी।
छिंदवाड़ा में आम जनता ने लगाए थे पोस्टर, ग्वालियर में कांग्रेस की घटिया राजनीति:- पंकज चतुर्वेदी, सिंधिया समर्थक
ग्वालियर में ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुमशुदगी वाले पोस्टर लगाए जाने को लेकर सिंधिया के खास समर्थक एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने न्यूजमंच से खास बातचीत करते हुए कहा कि कांग्रेस इस समय हर प्रकार के दिवालिएपन से जूझ रही है, संगठन, बौद्धिक और आर्थिक। ऐसे में हताशा और निराशा स्वाभाविक है, कांग्रेस के जिस कार्यकर्ता ने सिंधिया जी के नाम पर पोस्टर लगाए हैं, वो जरा देखें कि सिंधिया जी 13 मई से नामांकन के बाद भोपाल से दिल्ली वापिस गए हैं, तब से अपने घर में क्वारांटाइन हैं। वहां रहकर फोन पर या अन्य जो भी माध्यम हैं, लोगों की मदद कर रहे हैं। जिसके प्रमाण सार्वजनिक हैं। कांग्रेस की दृष्टि में दोष है, जिसको यह सब दिखाई नहीं देगा। ग्वालियर और छिंदवाड़ा में लगाए गए पोस्टर की तुलना किए जाने पर चतुर्वेदी ने कहा कि छिंदवाड़ा में जो पोस्टर लगाया गया था, वह वहां की आम जनता ने लगाया था। यहां पर कांग्रेस के लोग खिसिया कर अपने आकाओं की नजर में आगे आने के लिए सस्ती और घटिया राजनीति कर रहे हैं। जनता ने अभी इनको जो जबाब देना था, दिया है। आगे उपचुनाव में इनको मुहं की खानी पड़ेगी।
राजावत को मिली धमकियां: जयभान सिंह गुर्जर, कांग्रेस नेता, ग्वालियर
जब न्यूजमंच ने इस पूरे मामले में बात करने के लिए कांग्रेस नेता सिद्धार्थ सिंह राजावत से बात करने उनके मोबाइल पर कॉल किया तो कॉल रिसीव उनके साथी कांग्रेस नेता जयभान सिंह गुर्जर ने किया। गुर्जर ने बताया कि इस समय (शाम 5 बजकर 36 मिनिट) राजावत की अरेस्टिंग चल रही है, उन्हें कोर्ट लाया गया है, जहां से जेल भेजा जा रहा है। गुर्जर ने बताया कि उनके साथी सिद्धार्थ सिंह राजावत द्वारा पोस्टर लगाने के बाद उन्हें कई लोगों ने फोन किए और धमकियां भी दीं। गुर्जर ने बताया कि राजावत को उनके घर से अरेस्ट किया गया है।
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