
दिल्ली,1 नवम्बर, न्यूजमंच, दिल्ली से एक बड़ी खबर आ रही है, जिसके अनुसार कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में मध्य प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के बीच आपस ने जोरदार तकरार हो गई। इस पूरे मामले में खास बात यह है कि जिस बैठक में यह दोनों नेता बहस कर रहे थे, उसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे।
दोनों के बीच जब जुबानी जंग तेज होने लगी, मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हस्तक्षेप करना पड़ा।
राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ की समझाइश के बाद दोनों नेता शांत हुए। इन दोनों के बीच विवाद की शुरुआत टिकिट के बंटवारे को लेकर हुई।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा कल (बुधवार) की बैठक में 230 सीटों में से 190 पर प्रत्याशियों के नाम फायनल कर लिए गए थे। शेष बची 40 सीटों पर आज विचार किया जाना था, इस सीटों में से कुछ सीटें ऐसी थी जिन पर सिंधिया और दिग्विजय सिंह दोनों ही नेताओं का प्रभाव था और यह इन सीटों से अपने समर्थकों को प्रत्याशी बनाना चाहते थे। इन सीटों पर आपसी सहमति नहीं बनने से दोनों आपस में उलझ गए। अब इस विवाद को खत्म करने प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। यही कमेटी इन सीटों पर प्रत्याशियों का चयन करेगी।
माना जाता है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह के विरोध के कारण ही मध्यप्रदेश में कांग्रेस की ओर से सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं हो पा रहे हैं। मध्यप्रदेश के सभी इलाकों में कांग्रेस के अलग-अलग क्षत्रप हैं, जो खुलकर सिंधिया के साथ आने से कतराते हैं। वहीं दिग्विजय सिंह को नेता-प्रतिपक्ष अजय सिंह 'राहुल भैया" का समर्थन रहता है, तो अरुण यादव भी सिंधिया को सीएम के तौर पर देखना पसंद नहीं करते। यही वजह है कि सिंधिया भी इन नेताओं से कटे हुए रहते हैं।

Jagjeet singh , November 01st, 2018 21:06 IST
Ye ab. To enka dikhawa he. Wo bhi kiske samne. Pappu gandhi ke samne.