
दिल्ली, 26 अक्टूबर, (न्यूजमंच), मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी द्वारा शुरू कि गयी जंग भारत के उच्चस्तरीय संस्थानों, जिनमे सीबीआई, सीवीसी, सुप्रीम कोर्ट जैसे नाम शामिल हैं, से होते हुए अब सड़कों तक पहुँच गयी है. सीबीआई के दफ्तर के बाहर राहुल गाँधी, अशोक गहलोत, प्रमोद तिवारी, और विपक्षी पार्टियों के नेता, डी. राजा, शरद यादव, आदि ने प्रदर्शन किया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने लोगों के बीच 'चौकीदार चोर है' के नारे भी लगवाए.
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी चौकीदार को चोरी नहीं करने देगी. राहुल गाँधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश के सभी उच्च संस्थानों पर आक्रमण कर रहे हैं.
इस प्रदर्शन के दौरान राहुल गाँधी ने लोधी रोड पुलिस स्टेशन में अपनी गिरफ़्तारी भी दी. पुलिस स्टेशन से निकलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि, "प्रधानमंत्री ने राफेल डील में चोरी की है, पूरा देश इस बात को समझ रहा है. प्रधानमंत्री भाग नहीं सकते हैं, जितनी बार गिरफ्तार करना है कर लो मुझे फर्क नहीं पड़ता है."
क्या है मामला?
सरकार ने श्री वर्मा और उनके डिप्टी राकेश अस्थाना को एक व्यापारी से रिश्वत लेने के बाद मजबूरन छुट्टी पर भेजा है. कांग्रेस ने सीबीआई डायरेक्टर अलोक वर्मा को मोदी सरकार द्वारा असंवैधानिक और अवैध तरीके से हटाने के विरुद्ध चुनौती दी है।
कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने कहा कि श्री वर्मा को "बहाल" किया जाए क्योंकि उन्हें हटाने का फैसला "अवैध" था। सभी कांग्रेस के महासचिवों, राज्य इकाई प्रमुखों और विधायिका दल के नेताओं को लिखे एक पत्र में कांग्रेस के महासचिव अशोक गेहलोत ने उन्हें पूरे देश में सभी सीबीआई कार्यालयों के बाहर बीजेपी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा था।
कांग्रेस का कहना है कि सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा को रात को 2 बजे हटा कर और दस्तावेज जब्त करके, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राफले डील कि जाँच में विघ्न डाला है, और ये कदम प्रधानमंत्री द्वारा लिया हुआ एक "अपमानजनक और असंवैधानिक प्रयास" था।
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