
सीबीआई के दो प्रमुख अधिकारियों, डायरेक्टर आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद कांग्रेस पार्टी लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है. डायरेक्टर आलोक वर्मा को हटाये जाने पर कांग्रेस पार्टी का यह आरोप है कि मोदी सरकार ने राफेल डील कि जाँच में अवरोध लगाने के लिए ये कदम उठाया है.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी मुख्यालय में गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. राहुल गाँधी मोदी सरकार पर एक के बाद एक वार करते जा रहे हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से ये कहा है कि प्रधानमंत्री एक अपराध को छुपाने के लिए और अपराध किये जा रहे हैं.
राहुल गाँधी ने ये भी कहा कि सीबीआई राफेल डील पर प्रधानमंत्री कि जाँच करने वाली थी. रात के 2 बजे सीबीआई पर कार्यवाही किये जाने से साफ़ पता चलता है कि, अगर एजेंसी को अपना काम करने दिया जाता तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता. पूरे देश को पता चल जाता कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार किया है. ये सब होने से रोकने के लिए, रात के 2 बजे कमरे को सील कर दिया गया और दस्तावेजों को कब्ज़े में ले लिया गया.
राहुल ने ये भी कहा कि नियमानुसार सीबीआई के चीफ को तीन लोगों की कमेटी के द्वारा हटाया जाता है, जिसमें पीएम, चीफ जस्टिस और नेता प्रतिपक्ष शामिल होते हैं. प्रधानमंत्री ने चीफ जस्टिस और नेता प्रतिपक्ष को इसमें शामिल ही नही किया. यह देश कि जनता का अपमान है, देश के संविधान का अपमान है, चीफ जस्टिस का अपमान है. और इससे भी बढ़कर यह गैरकानूनी है.
राहुल ने पत्रकारों से पूछा कि क्या अब आपको लगता है कि राफेल मामले में कुछ गलत हुआ है.
राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री एक अनुभवी व्यक्ति है और वो अछे से जानते हैं कि अगर सीबीआई जांच करेगी तो वह बच नहीं पाएंगे. राफेल मामले में सीबीआई से जांच कराना आत्महत्या करने समान होता, तो प्रधानमंत्री ने सीबीआई की ही हत्या कर दी.
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