
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सांसदों के लिए नए आवास का उद्घाटन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किया। सांसदों के लिए दिल्ली के बीडी मार्ग पर कुल 76 नए फ्लैट्स बनाए गए हैं। इन फ्लैट्स का निर्माण कोविड-19 के प्रभाव के बावजूद स्वीकृत लागत से लगभग 14 प्रतिशत की बचत के साथ और समय पर पूरा किया गया है। निर्माण में कई ग्रीन बिल्डिंग इनिशिएटिव को शामिल किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश से बनी ईंटें लगाई गई है। एलईडी लाइट फिटिंग्स, लाइट कंट्रोल के लिए ऑक्यूपेंसी-बेस्ड सेंसर और कम बिजली की खपत के लिए वीआरवी सिस्टम के साथ एयर कंडीशनर लगे हैं। पानी के संरक्षण के लिए रेन वॉटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाया गया है। रूफटॉप सोलर प्लांट भी इन फ्लैट्स में लगाए गए हैं।
इस दौरान पीए मोदी ने कहा कि इन फ्लैट्स में हर वो सुविधा दी गई है, जो सांसदों को काम करने में आसानी होगी। दिल्ली में सांसदों के लिए भवनों के लिए दिक्कत काफी वक्त से रही है, सांसदों को होटल में रहना होता है जिसके कारण आर्थिक बोझ आता था। पीएम ने कहा कि दशकों से चली आ रही समस्याओं को टालने से नहीं उन्हें पूरा करने से ही खत्म होगीं। पीएम मोदी ने कहा कि देश में वॉर मेमोरियल, पुलिस मेमोरियल समेत कई ऐसी योजनाएं हैं जो बरसों से अटकी हुई थीं, लेकिन हमारी सरकार ने इन सभी अटकी योजनाओं को पूरा किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन फ्लैट्स के निर्माण में पर्यावरण का ध्यान रखा गया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सदन के अंदर समय की बचत करवाते हैं और बाहर फ्लैट बनवाने में भी उन्होंने धन की बचत की। कोरोना काल में भी सुचारू रूप से सदन की कार्यवाही चली और ऐतिहासिक तरीके से काम हुआ।
पीएम मोदी का संबोधन:
-दिल्ली में जनप्रतिनिधियों के लिए आवास की इस नई सुविधा के लिए आप सभी को बधाई। आज हमारे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी की जन्मदिन भी है। उन्हें जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
-कई इमारतों का निर्माण इस सरकार के दौरान शुरू हुआ और तय समय से पहले समाप्त भी हुआ। अटल जी के समय जिस अंबेडकर नेशनल मेमोरियल की चर्चा शुरू हुई थी, उसका निर्माण इसी सरकार में हुआ। 23 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद Dr. Ambedkar International Centre का निर्माण इसी सरकार में हुआ।
-Central Information Commission की नई बिल्डिंग का निर्माण इसी सरकार में हुआ। हमारे देश में हजारों पुलिसकर्मियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपना जीवन दिया है। उनकी याद में भी नेशनल पुलिस मेमोरियल का निर्माण इसी सरकार में हुआ।
-सदन की जो ऊर्जा बढ़ी है इसके पीछे एक और कारण है। इसकी भी शुरुआत एक तरह से 2014 से हुई है। तब देश एक नई दिशा की तरह बढ़ना चाहता था, बदलाव चाहता था। इसलिए तब देश की संसद में 300 से ज्यादा सांसद पहली बार चुनकर आए थे। मैं भी पहली बार आने वालों में से एक था।
-संसद की इस productivity में आप सभी सांसदों ने products और process दोनों का ही ध्यान रखा है। हमारी लोकसभा और राज्यसभा, दोनों के ही सांसदों ने इस दिशा में एक नई ऊंचाई हासिल की है।
-70वीं लोकसभा के नाम सबसे ज्यादा महिला सांसदों को चुनकर भेजने का भी रिकॉर्ड़ है। देश का ये नया मिजाज संसद की संरचना में भी दिखता है। यही कारण है कि देश की कार्यप्रणाली में, गवर्नेंस में एक नई सोच और नया तौर तरीका दिखाई दे रहा है।
-16वीं लोकसभा में 60 प्रतिशत ऐसे बिल रहे हैं जिन्हें पास करने के लिए औसतन 2-3 घंटे तक की डीबेट हुई है। हमने पिछली लोकसभा से ज्यादा बिल पास किए, लेकिन पहले से ज्यादा डीबेट की है। ये दिखाता है कि हमने प्रोडक्ट्स भी फोकस किया है और प्रोसेस को भी निखारा है।
-सिर्फ बीते एक डेढ़ वर्ष की बात करें तो देश ने किसानों को बिचौलियों के चंगुल से आजाद कराने का काम किया है, ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स किये हैं, कामगारों के हितों को सुरक्षित किया है
-देश ने जम्मू कश्मीर के लोगों को भी विकास की मुख्यधारा और अनेक कानूनों से जोड़ने का काम किया है। पहली बार जम्मू कश्मीर में अब भ्रष्टाचार के खिलाफ काम हो सके ऐसे कानून बन पाए हैं।
-हमारे यहां कहा गया है कि- क्रिया सिद्धिः सत्त्वे भवति महतां नोपकरणे। अर्थात- कर्म की सिद्धि हमारे सत्य संकल्प पर हमारी नीयत से ही होती है।
आज हमारे पास साधन भी है, और दृढ़ संकल्प भी है।
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