
नई दिल्ली। तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के आंदोलन का आज 23वां दिन है। सरकार लगातार किसानों को समझाने का प्रयास कर रही है कि कृषि कानून उनके फायदे के लिए हैं लेकिन किसान इसके बावजूद तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग पर अड़े हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 2 बजे किसान महासम्मेलन को संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश में रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किसान महासम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और कृषि मंत्री कमल पटेल भी शामिल होंगे।
मध्य प्रदेश के सभी 52 जिला मुख्यालयों में लगभग 1 हज़ार किसान उपस्थित रहेंगे जो किसान महासम्मेलन को वर्चुअल रूप से देखेंगे सुनेंगे। प्रदेश की सभी 313 जनपद पंचायतों में लगभग 500 किसान मौजूद रहेंगे। प्रदेश की लगभग 23 हज़ार ग्राम पंचायतों में लगभग 200 किसानों की मौजूदगी होगी। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के मंत्री, विधायक, सांसद एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। 2 दिन पहले ही कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने ग्वालियर में किसान सम्मेलन को संबोधित किया था। उन्होंने कहा था कि नए कानून किसानों के फायदे के लिए हैं। तोमर ने गुरुवार को किसानों के नाम चिट्ठी भी लिखी, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत दूसरी चिंताओं पर भरोसा दिया। मोदी ने किसानों के साथ-साथ पूरे देश से तोमर की चिट्ठी को पढ़ने की अपील करते हुए इसे सोशल मीडिया पर शेयर किया।
दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री आज प्रदेश के 35 लाख किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपये ट्रांसफर करेंगे। 15 दिसम्बर को हुए कैबिनेट मीटिंग के दौरान सीएम शिवराज ने यह घोषणा की थी। यह इसी साल हुई सोयाबीन आदि फसलों के नुकसान का पैसा है। यह राशि कुल भुगतान की एक तिहाई है। किसान महासम्मेलन के दौरान प्रदेश के लगभग 2000 पशुपालक एवं मछली पालक को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया जाएगा। किसान महासम्मेलन के दौरान लगभग 75 करोड़ रुपए की कृषि संरचना जैसे गोदाम, किसान सुविधा केंद्र इत्यादि का निर्माण कार्यो का भूमि पूजन व लोकार्पण भी किया जाएगा।
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