
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन जारी है। इस बीच सियासत भई तेज हो गई है। कांग्रेस ने शनिवार को एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसानों के खिलाफ सरकार के एक्शन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहंकार बताया। उन्होंने ट्वीट के साथ एक तस्वीर भी शेयर की जिसमें एक सुरक्षाकर्मी एक किसान को डंडे से मारने के लिए आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, 'बड़ी ही दुखद फ़ोटो है। हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था, लेकिन आज PM मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया। हालांकि बीजेपी ने इसे आरोप को गलत बताया है। राहुल के आरोपों का पर्दाफाश करने के लिए बीजेपी ने इस पूरी घटना का वीडियो ट्वीट किया है। वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि सुरक्षाकर्मी ने किसान को डंडे से नहीं मारा।
Rahul Gandhi must be the most discredited opposition leader India has seen in a long long time. https://t.co/9wQeNE5xAPpic.twitter.com/b4HjXTHPSx
— Amit Malviya (@amitmalviya) November 28, 2020
वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए। जब बीजेपी के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है। मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं। दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत?
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन का आज तीसरा दिन है। किसानों ने टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर अपना डेरा बनाया हुआ है। हालांकि पंजाब से दिल्ली आए किसानों को बुराड़ी के निरंकारी मैदान पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई है। धीरे-धीरे कुछ संगठन मैदान में इकट्ठा हो भी रहे हैं। केंद्र सरकार के कृषि बिलों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसान गुरुवार को 26 से 28 नवंबर तक के लिए 'दिल्ली कूच' पर निकले है।
गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा सरकार ने राज्य की सीमा पर किसानों को रोक लिया। इस दौरान पंजाब से सटे हरियाणा बॉर्डर पर हिंसक प्रदर्शन हुए। पंजाब के प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग नदी में फेंक दी और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे।
दरअसल, सरकार ने कृषि सुधारों के लिए 3 कानून द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) एक्ट; द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस एक्ट और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) एक्ट बनाए है। इनके विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं। किसानों को लगता है कि सरकार MSP हटाने वाली है, जबकि खुद प्रधानमंत्री इससे इनकार कर चुके हैं।
Leave Comments