
नई दिल्ली,19 दिसंबर, न्यूज़ मंच, हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस को मिली जीत के बाद अब लोकसभा चुनाव के लिए सियासी गोलबंदी तेज हो गई है। एनडीए गठबंधन से सीट बंटवारे के नाम पर असंतुष्ट होकर अलग होने वाले राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के मुखिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने गुरुवार को यूपीए का दामन थाम लिया। इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए बिहार की जनता से वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एडीए में उनका लगातार अपमान हो रहा था। बिहार से सीएम नीतीश ने उन्हें नीच आदमी तक कहा और आश्चर्य की बात है कि एनडीए नेतृत्व ने इस पर कुछ नहीं कहा।
मोदी ने किए अनेक वादे, एक भी पूरा नहीं हुआ
पूर्व केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने कहा बिहार में मोदी ने चुनाव के समय लगभग हर सभा में कहा था कि बिहार के लोगों को पढ़ाई, दवाई और कमाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। लेकिन नौजवानों को आज भी बड़ी संख्या में रोजी-रोटी के लिए बाहर जाना पड़ता है। न स्कूलों की व्यवस्था हुई और न इलाज की। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कुशवाहा ने कहा कि यह आज की बात नहीं है कि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं। राहुल ने जो वायदे किए उसे पूरा किया। जब भूमि अधिग्रहण बिल लाया जा रहा था तब आरएलएसपी ने भी उसका विरोध किया था और कांग्रस ने इसे मिशन के तौर पर लिया।
लोकतंत्र की रक्षा में राहुल ही सक्षम
देश की राजधानी दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में महागठबंधन के विस्तार और बल मिला जब कांग्रेस के आला नेताओं समेत पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की मौजूदगी में यूपीए का हिस्सा बन गए। इस मौके पर कुशवाहा ने कहा कि एनडीए मे उनका अपमान हो रहा था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें नीच कहकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि उनके एनडीए छोड़ने के बाद आरजेडी प्रमुख लालू यादव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उदारता दिखाई।
नीतीश हमें बर्बाद करना चाहते थे
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार हमें (आरएलएसपी) बर्बाद करना चाहते हैं और इसमें केंद्र की शक्तियां उनका साथ दे रही हैं। इसलिए लगा कि हमें वहां जाना चाहिए जहां बिहार की जनता की आवाज सुनी जाए। इसलिए मैं यूपीए में शामिल हो रहा हूं। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने उनकी पार्टी को तोड़ने और बिहार को बर्बाद करने की कसम खा ली है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में शिक्षा अच्छी हो, दलित, गरीब, पिछड़े और गरीब सवर्ण के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल हैं। शिक्षा से संबंधित उनकी 25 सूत्रीय मांग पूरी कर दी जाती तो सीट शेयरिंग की कोई समस्या नहीं थी। लेकिन बिहार सरकार के मुखिया ने उन्हें नीच कहकर अपमानित किया।
भाजपा-जदयू ने समझौता किया, हमें किसी ने पूछा तक नहीं- पशुपति
पशुपति पारस ने कहा भाजपा और जदयू ने आधी-आधी सीटों पर समझौता कर लिया जबकि लोजपा को पूछा तक नहीं। अगर आप हमसे बात नहीं करेंगे तो हम पीछे-पीछे क्यों दौड़ेंगे? भाजपा को गठबंधन धर्म का पालन करना चाहिए। पशुपति ने कहा, भाजपा को एनडीए में शामिल बिहार की सभी पार्टियों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के साथ बैठक कर फैसला करना चाहिए था। रालोसपा एनडीए से अलग हो गई। जीतन राम मांझी की पार्टी पहले ही अलग हो चुकी है। एनडीए में बिखराव हो रहा है। यह मुश्किल घड़ी है। बूंद-बूंद से तालाब भरता है। हम एनडीए के सहयोगी हैं, विश्वसनीय हैं। आज तक हमसे बात नहीं की गई। लोजपा नेता ने कहा- 2014 के चुनाव में हम सात सीटों पर लड़े थे और हमें छह पर जीत मिली थी। इस बार भी सात सीट की मांग है। हम नालंदा सीट की मांग नहीं करते, क्योंकि यह जदयू की सीट है। हमें इसके बदले कोई और सीट दी जाए। हम सीट शेयरिंग पर बात के लिए 31 दिसंबर तक का इंतजार करेंगे।
लोजपा ने कहा 7 सीटों से कम पर नहीं बनेगी बात
लोकसभा चुनाव में बिहार में सीट शेयरिंग के फैसले में देरी को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) की नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। पार्टी संसदीय दल के नेता चिराग पासवान और पशुपति पारस ने भाजपा से 7 सीटें मांगी हैं। उन्होंने कहा इससे कम पर चुनाव लड़ना उनकी पार्टी के लिए किसी तरह उचित नहीं होगा। उन्होंने एनडीए नेतृत्व को 31 दिसंबर तक इस मामले में फैसला करने अल्टीमेटम दिया। इससे पहले लोजपा सांसद चिराग पासवान ने ट्वीट कर कहा था कि सीटों पर वक्त रहते बात ना बनी तो नुकसान हो सकता है।
शाह, चिराग, पासवान के बीच 1 घंटे चली बैठक
एनडीए में चल रही उठापटक के बीच गुरुवार को बिहार भाजपा के प्रभारी भूपेंद्र यादव लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान को लेकर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पास लेकर पहुंचे। इसके बाद नई दिल्ली में शाह के आवास पर तीनों की बैठक हुई, जो करीब एक घंटे तक चली। रामविलास पासवान, भूपेन्द्र यादव और चिराग पासवान एक ही कार में बैठकर अमित शाह से मिलने पहुंचे।
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