
बेंगलुरु। कर्नाटक विधान परिषद के डिप्टी स्पीकर और जेडीएस नेता एस एल धर्मेगौडा ने चिकमगलूर के कडुर में ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कडुर पुलिस को धर्मेगौडा के पाससे एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने 15 दिसंबर की घटना का ज़िक्र किया है। कांग्रेस नेताओं ने उनके साथ धक्कामुक्की की थी और चेयर से उन्हें धकेल दिया गया था। इस घटना से वे काफी परेशान थे।
राज्य सरकार में मंत्री बोम्माई के मुताबिक, बीती रात 6.30 बजे धर्मेगौड़ा ने अपने ड्राइवर को बताया कि वो किसी को लेने जा रहे हैं लेकिन वो वापस नहीं आए। उसके बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और फिर लाश का पता चला। इस घटना को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा ने दुख व्यक्त किया है। देवगौड़ा ने कहा कि ये दुख और हैरान करने वाली बात है कि डिप्टी चेयरमैन ने सुसाइड कर लिया है। वह एक शानदार इंसान थे, उनकी मौत राज्य के लिए बड़ा नुकसान है. कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया है।
क्या हुआ था 15 दिसंबर को?
बता दें कि 15 दिसंबर को विधान परिषद में गोरक्षा कानून पेश होना था। इसके खिलाफ वोटिंग के लिए कांग्रेस ने व्हीप जारी किया था। जैसे ही विधान परिषद की कार्रवाई शुरू हुई तो कांग्रेस के सदस्य चेयर पर डिप्टी चेयरमैन को देखकर भड़क गए। विधान परिषद में कांग्रेस के नेता एसआर पाटिल ने कहा कि कैसे डिप्टी चेयरमैन आ सकते हैं और सदन को चला सकते हैं। यह कानूनी तौर पर सही नहीं है और हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगेय़ इसके बाद कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा करते हुए डिप्टी चेयरमैन को कुर्सी से खींचकर हटा दिया। इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों (MLC) के बीच जमकर हाथापाई भी हुई थी।
कांग्रेस एमएलसी प्रकाश राठौड़ ने कहा था कि बीजेपी और जेडीएस ने डिप्टी चेयरमैन को गैरकानूनी तरीके से चेयरमैन की कुर्सी पर बैठाया, जबकि सदन ऑर्डर में नहीं था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीजेपी इस तरह की असंवैधानिक बातें कर रही हैय़ कांग्रेस ने उन्हें चेयर से नीचे उतरने को कहा। हमें उन्हें बेदखल करना पड़ा क्योंकि यह एक अवैध बैठक थी।
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