
नई दिल्ली। राज्यसभा के लिए 10 सीटों पर होने जा रहे चुनाव में समाजवादी पार्टी के समर्थन से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज हो गया है। जबकि बसपा प्रत्याशी रामजी गौतम का नामांकन जांच में वैध पाया गया। ऐसे में बसपा के 6 विधायकों की अपनी ही पार्टी के नेता रामजी गौतम के खिलाफ बगावत की रणनीति भी फेल हो गई। अब सभी 10 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना बढ़ गई है। इनमें 8 बीजेपी, एक सपा और एक बसपा से हैं। पेशे से वकील प्रकाश बजाज अब अपना पर्चा खारिज होने को लेकर गुरुवार को हाई कोर्ट में अपील दायर करेंगे।
बता दें कि प्रकाश बजाज की वजह से ही बसपा के 6 विधायकों ने अपनी ही पार्टी के नेता रामजी गौतम के खिलाफ बगावत की थी। रामजी गौतम ने राज्यसभा के उम्मीदवार के रूप में 26 अक्टूबर को नामांकन किया था, तब उनके साथ पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा व कई अन्य नेता मौजूद थे। बुधवार को जब रामजी गौतम के 10 प्रस्तावकों में से 5 प्रस्तावकों ने अपना प्रस्ताव वापस लेने के लिए विधानसभा आए तो हलचल मच गई। बसपा विधायक असलम चौधरी, असलम राईनी, मुज्तबा सिद्दीकी, हाकम लाल बिंद और गोविंद जाटव ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया। इसके बाद इन विधायकों ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। मंगलवार को ही असलम चौधरी की पत्नी ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली थी।
भिनगा के बसपा विधायक मो. असलम राईनी ने कहा कि रामजी गौतम के प्रस्तावक के रूप में उन लोगों ने दस्तखत नहीं किया। उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाए गए हैं। राइनी ने कहा कि कूटरचित हस्ताक्षर के लिए वह विधिक कार्रवाई करेंगे। फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत करने वाले विधायकों में मुज्तबा सिद्दीकी, हाकिम लाल बिंद व असलम चौधरी भी शामिल हैं। बता दें कि यूपी में दस राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, जिसके लिए कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे। भाजपा की ओर से आठ, समाजवादी पार्टी के एक, बहुजन समाज पार्टी के एक और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। हालांकि अब निर्दलीय उम्मीदवार का पर्चा खारिज हो गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने फॉर्म 26 प्रारूप में अपना नामांकन नहीं भरा था।
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