
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट की अवमानना मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा और कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा को नोटिस मिला है। दोनों को छह हफ्ते में जवाब देना होगा। अदालत ने कहा कि फिलहाल कुणाल कामरा और रचिता तनेजा को अदालत में पेश होने की जरूरत नहीं है।
इससे पहले, गुरुवार को जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने संक्षिप्त सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में कथित रूप से न्यायपालिका और न्यायाधीशों को बदनाम करने के लिए कामरा और तनेजा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही करने की मांग की गई थी।
आत्महत्या के लिए उकसाने के 2018 के एक मामले में रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी को ज़मानत देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कामरा ने अपने सिलसिलेवार ट्वीट्स में गोस्वामी की अपील पर तेज़ी से सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की थी।
कामरा के ट्वीट्स पर अटार्नी जनरल के ऑफिस को उनके खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हुईं थीं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि कामरा के ट्वीट इतने ‘खराब भावना’ लिए हुए थे कि साधारण व्यक्ति भी समझ सकता है कि वे शीर्ष अदालत के लिए अपमानजनक हैं। जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने कानून के छात्र आदित्य कश्यप और श्रीरंग कटनेश्वर्कर द्वारा दायर याचिका पर रचिता तनेजा और कुणाल कामरा को नोटिस जारी किया है।
न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1971 के अनुसार, निजी व्यक्तियों को किसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना कार्यवाही शुरू करने के लिए एजी की सहमति लेनी होती है।
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