
अलवर, 22 नवंबर, न्यूज़मंच, राजस्थान में बेरोजगारी का भयावह चेहरा सामने आया है। अलवर के नौकरी नहीं मिलने से हताश 4 युवक जान देने के लिए ट्रेन के आगे कूद पड़े। इस दर्दनाक घटना में 3 की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
नौकरी नहीं लगने से हताश थे युवक
चश्मदीदों के मुताबिक आत्महत्या करने जा रहे युवकों ने कहा कि नौकरी लगेगी नहीं, तो फिर जीवित रह कर क्या करेंगे। सूबे के अलवर शहर में बुधवार को 6 दोस्तों ने नौकरी नहीं मिलने से परेशान होकर जान देने की प्लानिंग बनाई। इसके बाद चार लोग शहर के एफसीआई गोदाम के पास ट्रेन के आगे कूद गए। इनमें से 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। बाकी दो दोस्तों ने अंतिम समय में आत्महत्या के लिए ट्रेन के आगे कूदने का फैसला बदल दिया, जिसके चलते उनकी जान बच गई।
अचानक राय बनी और ट्रेन के आगे लगाई छलांग
इन्होंने बताया कि आत्महत्या से पहले सभी का कहना था कि नौकरी तो लगेगी नहीं और बिना नौकरी जिंदगी गुजारना मुश्किल है। ऐसे में जीवित रह कर क्या करेंगे। आत्महत्या करने वाले युवकों में से एक सत्यनारायण मीणा ने घटना से कुछ घंटे पहले अपने फेसबुक अकाउंट पर हत्या का वीडियो-‘माही द किलर’ अपलोड किया था। इस वीडियो में युवक की हत्या का दृश्य है। एसपी राजेंद्र सिंह के मुताबिक रानी के बालो को कलां निवासी 24 वर्षीय मनोज मीणा, बुचीपुरी निवासी 22 वर्षीय सत्य नारायण मीणा, बरेला निवासी 17 वर्षीय राज मीणा, टोडाभीम के खेड़ी निवासी 22 वर्षीय अभिषेक मीणा अलवर में पढ़ाई कर रहे थे। चारो दोस्त अपने दो अन्य दोस्तों संतोष मीणा और राहुल मीणा के साथ श्याम रेलवे ट्रैक के पास बैठकर बातें कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तय किया कि इस तरह जीवन बिताने से अच्छा है कि ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी जाए।
अलवर में हैं सबसे अधिक बेरोजगार
औद्योगिक क्षेत्र होने के बाद भी राजस्थान के अलवर जिले में सबसे अधिक बेरोजगार युवा हैं। अलवर में रोजगार पाने के लिए हजारों युवा लाइन में है। प्रदेश के सबसे अधिक युवा रोजगार पाने के लिए अलवर रोजगार विभाग में पंजीकृत हैं। रोजगार विभाग बेरोजगारों के नाम रजिस्टर्ड करने और मात्र गार्ड की नौकरी देने तक ही सीमित रह गया है।
रोजगार कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि रोजगार कार्यालय अलवर ने बीते 4 वर्षों में 58 रोजगार मेले लगाए हैं। ये रोजगार मेले अलवर जिले में दिखावा साबित हुए हैं जिनमें आने वाली कम्पनियां मात्र गार्ड और इन्टर्नशिप के लिए युवाओं का चयन करती है। अलवर जिला मुख्यालय पर ही स्थित रोजगार कार्यालय में ही 73 हजार 650 युवा पंजीकृत हैं जो प्रदेश में सबसे अधिक है। यह पंजीयन मात्र औपचारिकता बन गए हैं जिसका लाभ पंजीकृत युवाओं को कतई नहीं मिल रहा है।
संसद में भी उठा मामला
अलवर जिले में उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दे रहे हैं। यह मामला कई बार विधानसभा में भी उठ चुका है। लेकिन स्तिथिति सुधरती हुई दिखाई नहीं देती।
Leave Comments