
पणजी, 21 नवंबर, न्यूज़मंच, मंगलवार की शाम को गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के निजी निवास पर सैकड़ों लोग पहुंचे, जिनमे कुछ कांग्रेस नेताओं सहित, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। कांग्रेस के साथ, एनसीपी और शिव सेना ने लंबे समय तक बीमारी और कार्यालय से अनुपस्थिति के कारण श्री पर्रिकर के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने यह भी मांग की कि पर्रिकर के स्थान पर एक "पूर्णकालिक" मुख्यमंत्री होना चाहिए ।
सामाजिक कार्यकर्ता आयर्स रोड्रिग्ज ने कहा, "हमें फुलटाइम मुख्यमंत्री चाहिए। बीते नौ महीनों से सरकार का कामकाज ठप पड़ा है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ कोई मीटिंग ही नहीं करते। हम इसलिए भी पर्रिकर के घर जाना चाहते हैं ताकि उनकी तबीयत देख सकें। अगर पर्रिकर 48 घंटे में इस्तीफा नहीं देते तो पूरे राज्य में प्रदर्शन किया जाएगा।''
'पीपुल्स मार्च फॉर रीस्टोरेशन ऑफ गवर्नेंस' के बैनर के तहत सैंकड़ों लोग लगभग 1 किमी तक चले, और मनोहर पर्रिकर के निजी निवास पर तक पहुँच कर उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पद छोड़ने के लिए 48 घंटे का "अल्टीमेटम" दिया।
सूत्रों के अनुसार, पर्रिकर का दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 15 सितंबर से पैंक्रिअटिक कैंसर के लिए इलाज किया जा रहा था। किन्ही कारणों से पार्टी इसे उजागर नहीं कर रही थी। लेकिन गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजित राणे ने पिछले महीने स्वीकार किया था, कि पर्रिकर वास्तव में पैंक्रिअटिक कैंसर से पीड़ित हैं।
पार्रिकर पिछले सात महीनों से गोवा, मुंबई, न्यूयॉर्क और दिल्ली के अस्पतालों में आ जा रहे हैं। 14 अक्टूबर को दिल्ली के एम्स से डिस्चार्ज होने के बाद से वे गोवा में अपने निजी आवास पर ही रह रहे हैं। कांग्रेस और अन्य दल स्वस्थ कारणों की वजह से उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य में शासन सुचारु नहीं चल पा रहा है, क्योंकि मनोहर पर्रिकर बीमार हैं, और नौ महीने से अधिक समय तक अस्पताल में हैं ।
सामाजिक कार्यकर्ता आयर्स रोड्रिग्ज ने 48 घंटे के भीतर कदम नहीं उठाए जाने पर राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है।
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