
अशोकनगर/रायसेन. न्यूजमंच. मध्यप्रदेश के अशोकनगर एवं बरेली उदयपुरा विधानसभाओं में भाजपा द्वारा कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पत्र को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाएं खारिज हो गईं।
अशोकनगर में भाजपा प्रत्याशी लड्डूराम कोरी द्वारा कांग्रेस प्रत्याशी जजपाल सिंह जज्जी के नामांकन पत्र पर आपत्ति लगाई थी। वहीं रायसेन जिले की बरेली उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामकिशन पटेल ने भी कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल के नामांकन पत्र पर लगाई थी।
बीजेपी द्वारा लगायी गयी आपत्ति की विस्तृत जानकारी के लिए यह भी पड़ें
सोमवार को दोनों विधानसभा क्षत्रों के निर्वाचन अधिकारियों ने कांग्रेस-भाजपा के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद फैसले के लिए आज (मंगलवार) दोपहर का समय आरक्षित किया था।
पहले फैसला बरेली उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में आया। यहां रिटर्निंग ऑफिसर दिनेश तोमर ने कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि दोनो पक्षों की दलीलें सुनी गईं, कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल के नामाकन में किसी तरह की सारवान त्रुटि नही होने से भाजपा प्रत्याशी की आपत्ति खारिज की गई है। कल भाजपा प्रत्याशी के वकील रामकुमार श्रीवास्तव ने कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल द्वारा उनके नामांकन पत्र के साथ दिए गए शपथ पत्र में त्रुटि होने के आधार देते हुए, कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई थी। जिसकी सुनवाई कल (सोमवार) से आज (मंगलवार) तक तीन बार हुई, आज 12 बजे रिटर्निंग अधिकारी ने फैसला कांग्रेस के पक्ष सुनाया। यहां भाजपा की आपत्ति यह थी कि कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने शपथ पत्र नोटरी संबंधी त्रुटियां छोड़ दी थीं। रिटर्निंग ऑफिसर ने इन त्रुटियों को सारवान नहीं मानते हुए कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र पटेल का नामांकन को वैध घोषित कर दिया।
हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर से जज्जी का जाति प्रमाणपत्र वैध
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर नीलेश शर्मा ने कांग्रेस प्रत्याशी जजपाल सिंह जज्जी के नामांकन पर लगाई गईं आपत्तियों पर फैसला सुनाते हुए भाजपा प्रत्याशी लड्डूराम कोरी की आपत्ति को निरस्त कर जज्जी के नामांकन को वैध करार दे दिया।
रिटर्निंग ऑफिसर ने फैसला सुनाते हुए कहा आपत्तिकर्ता ने अपनी आपत्ति में कांग्रेस प्रत्याशी जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए उनका नामांकन निरस्त किए जाने की मांग की थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने फैसले में उल्लेख किया कि जज्जी का जाति प्रमाणपत्र सक्षम अधिकारी अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। जिसे बाद में राज्य स्तरीय छानबीन समिति द्वारा निरस्त किया गया।
छानबीन समिति के फैसले के विरुद्ध जजपाल सिंह जज्जी द्वारा अक्टूबर 2013 में हाइकोर्ट की डबलबेंच में याचिका दायर की गई। जज्जी की याचिका के आधार पर हाई कोर्ट की डबल बैंच ने छानबीन समिति के आदेश के विरुद्ध अंतिम निराकरण न होने तक स्थगन दिया गया है। इस मामले में सुनवाई हेतु अगली तारीख 6 दिसम्बर 2018 लगाई गई है। हाइकोर्ट का स्थगन आदेश प्रभावी होने से यह आपत्ति निरस्त की जाती है।
रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा प्रत्याशी के वकील के उस आपत्ति को भी खारिज कर दिया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के उस ऑर्डर का वर्णन दिया गया था, जिसके अनुसार किसी भी न्यायालय द्वारा जारी स्थगन आदेश 6 माह से ज्यादा तक की अवधि के लिए वैध नहीं रह सकता है। रिटर्निंग ऑफिसर ने तर्क दिया कि कांग्रेस प्रत्याशी में जाति प्रमाण पत्र के मामले में हाईकोर्ट का स्थगन (स्टे) आदेश अंतिम निराकरण तक प्रभावशील रहेगा, इस मामले में किसी भी तरह का हस्तक्षेप या निरस्त किए जाने का अधिकार निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को नहीं है। वहीं नामांकन पत्र के साथ संलग्न शपथ पत्र में आपराधिक प्रकरण छिपाए जाने के मामले निर्णय सुनाते हुए रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा कि इस आधार पर नामांकन निरस्त योग्य नहीं है।
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