• Last Update 07:37 am

कांग्रेस को आशा से आस और भाजपा लड्डू से कमल खिलाने की तैयारी में
Politics

कांग्रेस को आशा से आस और भाजपा लड्डू से कमल खिलाने की तैयारी में

अशोकनगर.1 नवम्बर न्यूजमंच, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी दोनों ही राजनैतिक दलों ने अशोकनगर विधानसभा के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम लगभग फाइनल कर दिए गए हैं, जिनकी औपचारिक घोषणा होना भर शेष है। संभावना जताई जा रही है कि दोनों ही पार्टियां एक-दो दिनों में अपने-अपने प्रत्याशियों का एलान कर सकती हैं। कांग्रेस की ओर से जहां जजपाल सिंह जज्जी और आशा दोहरे के नामों का पैनल केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजा गया था, वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से वर्तमान विधायक गोपीलाल जाटव एवं पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी के नाम केंद्रीय चुनाव समिति के पास भेजे गए थे। 

जज्जी सबसे सशक्त दावेदार, फिर भी आशा का नाम तय

राजनैतिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस अपनी सक्रिय एवं वरिष्ठ महिला नेता अनीता जैन की बहू पर दांव लगा सकती है, हालांकि चुनाव जीतने के लिहाज से जजपाल सिंह जज्जी सबसे सशक्त प्रत्याशी बताए जा रहे थे। लेकिन जजपाल सिंह जज्जी के जाति प्रमाण पत्र की वैधता का मामला ग्वालियर हाइकोर्ट में विचाराधीन है। कांग्रेस के आला नेताओं को डर था कि अगर वे जज्जी पर दांव लगाते हैं, तो भाजपा जज्जी के नामांकन को चुनौती दे सकती है। अनुसूचित जाति से जुड़े भाजपा के कुछ नेताओं ने इस संबंध में तैयारी भी शुरू कर दी थी।

बताया जा रहा कि भाजपा प्रदेश स्तरीय छानबीन समिति द्वारा जज्जी के नामांकन को निरस्त किए जाने के आधार पर चुनौती देती। भाजपाइयों का तर्क है कि छानबीन समिति ने जज्जी के जाती प्रमाण पत्र को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया था। छानबीन समिति के फैसले के खिलाफ जज्जी ने ग्वालियर हाइकोर्ट में अपील की थी। सालों से ग्वालियर हाइकोर्ट में लंबित इस मामले में भाजपा अपनी ही पार्टी से जुड़े गुना के पूर्व विधायक राजेन्द्र सलूजा और इस संबंध में जारी सुप्रीम कोर्ट की एक रूलिंग से जुड़ी नजीर दे सकती थी। जिसके जरिए भाजपा निर्वाचन अधिकारी से मांग करती कि जब तक हाइकोर्ट जजपाल सिंह जज्जी के हक में फैसला नहीं दे देता, तब तक जज्जी उस जाती प्रमाणपत्र का लाभ नहीं ले सकते। माना जा रहा है कि ऐसी परिस्थितियों से डरते हुए ही अब कांग्रेस की आस आशा दोहरे पर आकर टिक गई है। लेकिन इस संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आख़िरी वक्त में जज्जी अपने पक्ष में कोई बड़ा उलटफेर भी करा सकते हैं। पिछले विधानसभा में भी कांग्रेस ने अशोकनगर विधानसभा चुनाव से पिपरई निवासी रामचरण तावरे को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था, और बाद में रामचरण तावरे का टिकिट काट कर कांग्रेस ने जजपाल सिंह को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था। 

इसलिए प्रबल हैं लड्डूराम
अशोकनगर विधानसभा के लिए भाजपा की ओर से दो नाम सामने आए थे, उनमें पहला नाम वर्तमान विधायक गोपीलाल जाटव का था, जबकि दूसरा नाम पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी का था। राजनैतिक सूत्र बताते हैं कि 5 बार विधायक रह चुके गोपीलाल जाटव ने गुना विधानसभा से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, बताया जा रहा है कि गोपीलाल जाटव की दिली इच्छा गुना से ही चुनाव लड़ने की है, क्योंकि जाटव अशोकनगर से पिछला विधानसभा चुनाव बेहद ही कम अंतर से जीते थे। दूसरी ओर गुना से बीजेपी के मौजूदा विधायक पन्नालाल शाक्य के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं में असंतोष है, ऐसे में गोपीलाल जाटव को गुना की सीट पर मुकाबला आसान नजर आ रहा, वहीं अशोकनगर में उन्हें कार्यकर्ताओं के असन्तोष का सामना करना पड़ सकता है। वहीं लड्डूराम की दाबेदारी इसलिए प्रबल मानी जा रही है कि 2008 विधानसभा का चुनाव वे काफी बड़े अंतर से जीते थे, उसके बावजूद भी उनका टिकिट काटकर भाजपा ने गोपीलाल जाटव को प्रत्याशी बनाया था। इस बार विधानसभा चुनावों के लिए कराई गई रायशुमारी में लड्डूराम के पक्ष में सबसे ज्यादा लोग थे, वहीं मुख्यमंत्री और पार्टी द्वारा कराए गए सर्वे में लड्डूराम कोरी अपने दूसरे प्रतिद्वंदियों से आगे थे। इसलिए लड्डूराम को प्रबल दावेदार माना जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि बीजेपी उन्हें प्रत्याशी बना सकती है। लेकिन लड्डूराम को प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने बीते दिनों भोपाल पार्टी कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया था। अगर पार्टी ने इस विरोध प्रदर्शन को गंभीरता से लिया, तो जिलाध्यक्ष जयकुमार सिंघई की पंसद माने जा रहे हरिबाबू राय के नाम पर पार्टी अपनी अंतिम मोहर लगा सकती है।

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments