
भोजपुर, अजय गोहिल ,न्यूज़मंच, मध्यप्रदेश में जारी विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां बड़े-बड़े दावे और वादे करती नजर आ रही हैं। राजनेताओं द्वारा किए जा रहे ऐसे ही दावों के बीच कांग्रेसी नेता सुरेश पचौरी ने भी एक बड़ा दावा किया। रायसेन जिले की भोजपुर विधनसभा से कांग्रेसी उम्मीदवार सुरेश पचौरी ने अपने जनसंपर्क के दौरान कहा कि क्षेत्र को पिछड़ा बताते हुए कहा कि अगर विकास देखना है तो कमल नाथ के यहाँ देखो, ज्योतिरादित्य सिंधिया के यहाँ जाकर देखो।"
सुरेश पचौरी ने आज सुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम सेमरी, सिलारी, चकावाली,बगासपुर, राजलबाड़ी अन्य गांव में में जन सम्पर्क किया, और उनके इस जनसंपर्क को जनता का भारी जनसमर्थन मिल रहा है ।
सुरेश पचौरी ने जन सभा के दौरान बिजली-पानी, सड़क, रोजगार जैसे कई आधारभूत जरूरतों को लेकर मौजूदा भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने केंद्र एवं प्रदेश दोनों ही भाजपा सरकारों को झूठ बोलने वाली सरकार बताया। उन्हों के कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों की सरकारें जुमलेबाजी करती हैं, झूठ बोलती हैं।
पचौरी यहीं नहीं रुके उन्हीने भोजपुर के मौजूदा विधायक सुरेंद्र पटवा को भी जमकर घेरा। पचौरी ने कहा कि पटवा प्रदेश सरकार में 10 साल मंत्री रहे, फिर भी भोजपुर में कोई विकास नही किया है।
सुरेश पचौरी ने कहा,"मेरी लोगों से बात हो रही है। जो समस्याएं बिना किसी सरकार की अनुमति के हल हो सकती थी, वह भी हल नहीं हुईं। मुझे भोजपुर क्षेत्र की जनता ने अपना आशीर्वाद दिया, मैं भोजपुर से जीता, और हमारी सरकार बनी, तो निश्चित रूप हम विकास करेंगे। कांग्रेस की सरकार कभी झूठ नहीं बोलती और जुमले बाजी नहीं करती, जो कहती है, वो करती है।
एक नजर में भोजपुर विधानसभा
रायसेन जिले की भोजपुर सीट, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक अहम् भूमिका निभाने वाली सीट है। मध्य प्रदेश के इतिहास में विशेष महत्व रखने वाले राजा भोज और भगवन शिव के प्राचीन मंदिर वाली भोजपुर विधानसभा सीट पर, इस बार भी कांग्रेस की और से पूर्व केंद्रीय मंत्री और 10 जनपथ के करीबी माने जाने वाले, सुरेश पचौरी चुनाव मैदान में हैं। सुरेश पचौरी भोजपुर सीट में आने वाले गांव बीलाखेड़ी के रहने वाले हैं।
2013 के चुनाव में सुरेश पचौरी को बीजेपी के दिग्गज नेता सुरेंद्र पटवा ने लगभग 20,000 से ज़्यादा वोटों के अंतर से हराया था। पटवा को जहां 80,491 वोट मिले थे तो वहीं पचौरी को 60,342 वोट मिले थे।
बीजेपी को इस बार चुनाव में एंटी इंकम्बैंसी का खासा प्रभाव झेलना पड़ सकता है। इसके अलावा भी, इस इलाके में विस्तार की रफ़्तार बहुत धीमी है। यहां पर बिजली, रोजगार, सड़क और पानी की समस्या है। औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप होने के बाद भी यहां स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलता। इस सबके असर को देखते हुए, सुरेश पचौरी को अच्छा समर्थन मिलता दिख रहा है।
सुरेश पचौरी ने आज सुल्तानपुर क्षेत्र के ग्राम सेमरी, सिलारी, चकावाली,बगासपुर, राजलबाड़ी अन्य गांव में में जन सम्पर्क किया, और उनके इस जनसंपर्क को जनता का भारी जनसमर्थन मिल रहा है ।
यह सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी। इस विधानसभा सीट पर पहली बार कांग्रेस कांग्रेस के गुलाबचंद की जीत हुई। गुलाबचंद यहां से लगातार दस साल विधायक रहे। लेकिन लेकिन 1985 में जब सुंदरलाल पटवा यहां से पहली बार चुनाव लड़े, उसके बाद इस सीट पर पटवा परिवार का ही कब्जा हो गया। कांग्रेस यहाँ सिर्फ 2003 में ही चुनाव जीत पाई थी।
1985 से 1998 तक सुंदरलाल पटवा ने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद 2003 में उनके भतीजे सुरेंद्र पटवा यहां से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़े. लेकिन वो कांग्रेस प्रत्याशी राजेश पटेल से हार गए।
मंडीदीप पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा जैन कांग्रेस में शामिल
रायसेन जिले की भोजपुर सीट पर बीजेपी को एक और बड़ा झटका लगा है। यहाँ पर मंडीदीप पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पूर्णिमा जैन कांग्रेस में शामिल हो गयी हैं। पूर्णिमा ने पीसीसी में औपचारिक रूप से प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ओर सुरेश पचौरी के सामने सदस्यता ली। पिछले कई दिनों से भाजपा पार्टी में पूर्णिमा जैन अपनी उपेक्षा होती महसूस कर रही थी।
पूर्णिमा जैन का मंडीदीप क्षेत्र में अच्छा जनाधार है जिसका नुक्सान भी बीजेपी को झेलना पड़ सकता है।
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