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सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाना चाहिए या नहीं, यह सवाल धर्मसंकट में डालने जैसा: वित्त मंत्री
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सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाना चाहिए या नहीं, यह सवाल धर्मसंकट में डालने जैसा: वित्त मंत्री

अहमदाबाद। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों का बोझ कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को बात करनी चाहिए। बातचीत के जरिये केंद्र व राज्य दोनों को इस समस्या का समाधान निकालने की जरूरत है। आइआइएम (अहमदाबाद) के छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि उपभोक्ताओं के ऊपर ईंधन की बढ़ी कीमतों के बोझ से वह भी चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता को इससे राहत मिलनी चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या केंद्र सरकार अपने शुल्क में कटौती करेगी, वित्त मंत्री ने कहा कि इस सवाल ने उन्हें धर्मसंकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि उपभोक्ताओं पर कम बोझ होना चाहिए। ईंधन पर लगने वाले टैक्स से केंद्र को राजस्व की प्राप्ति होती है। इसी तरह, राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर टैक्स के जरिये राजस्व संग्रह करती है। 

सरकार की तमाम जरूरतों के बावजूद उपभोक्ता पर कीमत का बोझ कम होना चाहिए।' उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह शनिवार को भी वित्त मंत्री ने कहा था कि टैक्स में कटौती का प्रश्न धर्मसंकट में डालने वाला है।कृषि कानूनों के विरोध के बारे में सीतारमण का कहना था कि यह विरोध न्यूनतम समर्थन मूल्य या एमएसपी को लेकर नहीं है। किसानों का विरोध तीनों कृषि कानूनों को लेकर है। 
 

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