
नई दिल्ली, 5 दिसम्बर, न्यूज़ मंच, 2010 में इटली की रक्षा एवं एयरोस्पेस कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड से भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदे जाने थे। इन 12 हेलीकाप्टर की डील 3,600 करोड़ रुपये में भारतीय सरकार और अगस्ता-वेस्टलैंड के बीच तय की गयी।
इस डील में क्रिश्चियन मिशेल पर आरोप है कि वह अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के अफसरों की बीच एक मध्यस्थ था, जिसकी इस समझौते को अंजाम तक पहुंचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका थी।
काफी लम्बे समय से भारत सरकार और यूएइ के बीच मिशेल को प्रत्यर्पित कर भारत लाये जाने का मामला यूएई की अदालत में चल रहा था। भारत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से की गई आपराधिक जांच के बाद मिशेल के प्रत्यर्पण के लिए यूएई से औपचारिक रूप में 2017 में अनुरोध किया था, जिसके भारत के पक्ष में आने से, इसे एक बड़ी राजनयिक सफलता माना जा रहा है।
इस प्रक्रिया को इंटरपोल और सीआईडी के समन्वय से किया जा रहा था। सीबीआई के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की निगरानी में इस मिशन को अंजाम दिया गया है। इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए डोभाल सीबीआई के प्रभारी निदेशक नागेश्वर राव के संपर्क में थे। इसके अलावा सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर साई मनोहर के नेतृत्व में टीम ने दुबई में रहकर मिशन को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।
यह सीबीआई जैसी शीर्ष एजेंसी के लिए उस वक़्त एक राहत की खबर है, जब उनके दो शीर्ष अफसरों अलोक वर्मा और राकेश अस्थाना पर भ्रष्टाचार के मामले में भारत के सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है।
यह प्रत्यर्पण उस वक़्त अंजाम पर आया है जब, भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भारत-यूएई जॉइंट कमीशन की बैठक के 12वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए दुबई गयी हुई हैं।
जनवरी 2014 में भारत सरकार ने 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर की इस डील को रद्द कर दिया। यह पाया गया कि डील में 360 करोड़ रुपए की घुस ली गयी थी। इस डील को रद्द करने का फैसला लिया जाने तक 30 % पेमेंट की जा चुकी थी, और आगे के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी।
विपक्ष ने यूपीए सरकार को घेर लिया था। इटली की अदालत में ये मामला चल रहा था और सबूत भी सामने आ गए की भारतीय अधिकारीयों ने 125 करोड़ रुपए तक की रिश्वत ली थी।
ईडी ने मिशेल के खिलाफ जून, 2016 में दाखिल अपनी चार्जशीट में कहा था कि मिशेल को अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी की ओर से 225 करोड़ रुपये रिश्वत मिली थी।
इस डील में रिश्वत के लेने-देन और फर्जी बिल बनाने को लेकर अदालत ने फिनमेकानिका और एसोसिएट कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड, दोनों को ही दोषी पाया। फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख गुसेप ओर्सी को 4.5 साल कैद की सजा सुनाई गई और अगस्ता वेस्टलैंड के पूर्व सीईओ बुर्नो स्पागनोलीनी को 4 साल की कैद सुनाई।
मध्यस्त क्रिश्चियन मिशेल को यूएई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। अब सीबीआई उससे पूछताछ कर डील सम्बंधित पूरी जानकारी उगलवाने की कोशिश करेगी।
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