
मुज़फ्फरनगर, न्यूज मंच। मुजफ्फरनगर के हनुमान चौक स्थित हनुमान मंदिर पर मंगलवार सुबह दलित वर्ग से जुड़े युवाओं ने नारेबाजी करते हुए हनुमान मंदिर पर कब्जा कर लिया। युवाओं ने मंदिर पर कब्जा करने के दौरान मंदिर के बाहर दलित हनुमान मंदिर लिखा एक फ्लेक्स बैनर भी चस्पा कर दिया। मंदिर पर कब्जा करने के दौरान युवाओं ने जमकर नारे बाजी भी की। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
दलित वर्ग से जुड़े युवाओं द्वारा हनुमान मंदिर पर की गई कब्जे की इस घटना को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीते मंगलवार 29 नवंबर राजस्थान के अलवर में दिए गए उस बयान की प्रतिक्रिया माना जा रहा है, जिसमें योगी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि 'बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं, जो स्वंय वनवासी हैं, निर्वासी हैं, दलित हैं, वंचित हैं। भारतीय समुदाय को उत्तर से लेकर दक्षिण तक पूर्व से पश्चिम तक, सबको जोड़ने का काम बजरंगबली करते हैं।
सीएम योगी के इस बयान की अलग-अलग ढंग से विवेचना करते हुए सोशल मीडिया सहित विभिन्न राजनैतिक मंचों पर उनकी जमकर आलोचना की गई थी। वहीं 1 दिसंबर को भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक प्रदर्शन के दौरान मीडिया में बयान दिया था कि योगी जी अपनी राजनीति को सीधा करने के लिए कुछ भी कह सकते हैं, वह धार्मिक मुद्दों पर लड़ते हैं, देश के जो गंभीर मुद्दों हैं, उनसे लोगों का ध्यान डायवर्ट करने के लिए यह सब चीजें करते हैं। चंद्रशेखर ने आगे कहा था कि अगर वह (सीएम योगी) कह रहे हैं कि हनुमान जी दलित थे, तो मेरे हिसाब से देश के दलित समाज को चाहिए कि वह देश भर में हनुमान जी के जितने भी मंदिर हैं, उन पर कब्ज़ा कर ले, और वहाँ के पुजारी बन जाएं, मंदिरों में जो चढ़ावा आता है, उसे अपने पास रखे। क्योंकि जब हनुमान जी हमारे पूर्वज हैं, तो उनके मंदिर भी हमारे हुए, और वहां के चढ़ावे पर भी हमारा ही हक है।
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