
अयोध्या, 7 नवंबर, न्यूज़मंच, 15 अक्टूबर को इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के एक दिन पहले ऐलान किया कि, "फैजाबाद का नाम अब अयोध्या होगा।"
उन्होंने कहा- "अयोध्या हमारी आन-बान-शान है और इसकी पहचान भगवान राम से होती है, इसलिए जनपद फैजाबाद का नाम भी आज से अयोध्या होगा।"
इतना ही नहीं उन्होंने ने दशरथ के नाम पर मेडिकल कॉलेज और श्रीराम के नाम पर एयरपोर्ट बनाने का भी ऐलान कर दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छोटी दीपावली के मौके पर दीपोत्सव में शामिल होने फैज़ाबाद, (नया नाम अयोध्या ) आये थे | उनके सामने ही राम की पैड़ी पर 3 लाख दीये जलाए गए। योगी इस कार्यक्रम को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की कोशिश करेंगे ।
रविवार को इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के बाद सीएम योगी ने पहली बार खुलकर मीडिया में इस बारे में बयान दिया है.
अभी इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज करने के बाद इसको लेकर विवाद जारी है। हरिद्वार में पूछे जाने पर योगी ने अलाहबाद के नाम को बदलने पर तर्क दिया था कि, " लोग कह रहे हैं क्यों नाम बदल दिया, नाम से क्या होता है ? मैंने कहा तुम्हारे मां-बाप ने तुम्हारा नाम रावण और दुर्योधन क्यों नहीं रख दिया ?"
उन्होंने कहा, "नाम का बहुत महत्व होता है. इस देश में सबसे अधिक नाम राम से जुड़ते हैं।" उन्होंने ये भी तर्क दिया कि अनुसूचित समाज में अधिकतम लोगों का नाम राम से जुड़ा है। नाम हमारी गौरवमयी परंपरा को साथ जोड़ता है।
पिछले दिनों एक कार्यक्रम के दौरान भी सीएम योगी ने इस बारे में बात करते हुए कहा था कि जिनको अपनी परंपरा की जानकारी नहीं, जिन्हें सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी नहीं है| वे लोग इस फैसले पर सवाल खड़ा कर रहे हैं| मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों से बहुत उम्मीद भी नहीं की जा सकती है|
इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टली
बता दें, उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व अनुभाग-5 अधिसूचना संख्या 1574/1-5-2018-72/2017 के माध्यम से 18 अक्टूबर 2018 को राज्यपाल राम नाईक ने जिला इलाहाबाद का नाम परिवर्तित कर प्रयागराज कर दिया|
दलील दी गई कि सैकड़ों वर्षों से इलाहाबाद के तौर पर जाने जाने वाले जिले का नाम बदलकर प्रयागराज करना न तो जनता के हित में है और न ही सरकार के हित में। इसके अलावा, जिले का नाम बदलने से भारी सरकारी धन खर्च होगा। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई 13 नवंबर, 2018 तक के लिए टाल दी थी|
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