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बड़ा खुलासा: भोपाल की तर्ज पर अशोकनगर जेल से फरार होने की योजना बना रहे थे 8 कैदी
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बड़ा खुलासा: भोपाल की तर्ज पर अशोकनगर जेल से फरार होने की योजना बना रहे थे 8 कैदी

अशोकनगर जिला जेल में बंद कैदियों ने की थी जेल प्रहरी और संतरी को काबू में कर भागने की तैयारी, जेल में रहकर ही जुटाया फरार होने की जरूरत का सामान, जेल के अंदर से ही की शहर से निकलने की तैयारी, फरार होने से पहले ही हुआ योजना का भांडाफोड

अशोकनगर, 14 अगस्‍त (न्‍यूजमंच)। करीब तीन साल पहले राजधानी भोपाल की अति सुरक्षित सेंट्रल जेल से फरार हुए कैदियों की तरह ही मध्‍यप्रदेश के अशोकनगर जिला जेल में बंद आठ कैदियों ने जेल से भागने की योजना बनाई थी। हत्‍या, हत्‍या के प्रयास, बलात्‍कार जैसे गंभीर प्रकरणों में आरोपी यह खूंखार कैदी अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, उससे पहले ही उनकी प्‍लानिंग की भनक जेल प्रबंधन को लग गई और एक खतरनाक योजना का भांडाफोड हो गया। जेल प्रबंधन ने इस संबंध में सोमवार रात देहात थाने में प्रकरण दर्ज कराया है। मंगलवार को जब यह मामला डीजी जेल के पास पहुंचा, तो इसका खुलासा मीडिया में हुआ। जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार जिला जेल की अलग-अलग बैरकों में ही बंद रहकर इन कैदियों ने जेल तोड़कर भागने की योजना बनाई थी।

अपनी योजना को अंजाम देने के लिए इन कैदियों ने आवश्‍यक सामान भी जेल के अंदर जुटा लिया था, साथ ही जेल से बाहर आने के बाद शहर से फरार होने के इंतजाम भी जेल में रहते हुए ही कर लिए थे। जेल प्रहरियों को ऐन वक्‍त कैदियों के जेल से फरार होने की योजना की जानकारी लग गई, जिसके बाद जेल प्रशासन हरकत में आ गया। जेल से फरारी की योजना बनाने वाले इन कैदियों को प्रदेश की उअलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। 

मामले की खुलासे के बाद सोमवार शाम जेल प्रहरी जोगेंद्र राजावत ने अशोकनगर देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई। जेल प्रहरी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने सोमवार शाम जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी खूबसिंह, संतोष कुशवाह, गोपाल परिहार, रंजीत केवट, शुभम उर्फ पीसू उर्फ आकाश जाटव, बंटी उर्फ हरवंश आदिवासी, दीपक ढ़ीमर और मनोहर धानक के खिलाफ  जेल से भागने के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस मंगलवार को जिला जेल पहुंची और कैदियों के बयान दर्ज किए। साथ ही उनके पास मिले जेल से भागने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले अवैध सामान के बारे में भी पूछताछ की है।

ऐसे हुआ कैदियों के जेल से भागने की योजना का खुलासा:-

जेल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि जेल से फरार होने की योजना बनाने वाले कैदी, सुबह के वक्‍त गेट पर संतरी एवं हथियार बंद प्रहरी को काबू में कर जेल से भागने की फिराक में थे। फरार होने की तैयारी के लिए इन कैदियों ने जेल में ही आवश्‍यक सामान भी जुटा लिया था, साथ ही इस बात की भी प्‍लानिंग कर ली थी, जेल से फरार होने के बाद वे शहर से कैसे बाहर निकलेंगे। कैदियों की योजना थी सुबह के वक्‍त वे जेल के पिछल हिस्‍से में झगड़े का नाटक करते हुए हंगामा करेंगे, जब जेल में तैनात प्रहरी पीछे की ओर पहुंचेगे, तो उनके साथी जेल के दोनों गेटों पर मौजूद संतरी एवं प्रहरी को मिर्च पाउडर की सहायता से काबू में कर लेंगे और अपने अन्‍य साथियों के साथ जेल से फरार हो जाएंगे। कैदियों को अपनी इस योजना को अंजाम देने के लिए ज्‍यादा लोगों की जरूरत थी, इसलिए उन्‍होंने जेल में बंद अन्‍य कुछ कैदियों को भी अपनी योजना में शामिल करने की कोशिश की। इन्‍हीं में से एक कैदी ने जेल स्‍टाफ को कैदियों की योजना की जानकारी दे दी।

योजना की जानकारी मिलने पर जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया, प्रबंधन से जेल से भागने की योजना बना रहे आठों कैदियों की निशानदेही कर उन्‍हें विश्‍वास में लिया और मामले की पूछताछ की। पूछताछ में कैदियों ने अपनी योजना प्रबंधन को बता दी। इसके बाद जेल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।   

7 पर हत्‍या और हत्‍या के प्रयास आरोपी, 1 पर है दुष्‍कर्म का आरोप-

जेल से भागने का प्रयास करने वाले सभी आठ कैदी विचाराधीन है। जेलर एसएस सिद्दीकी ने बताया कि इन आठ कैदियों में से 7 कैदी हत्‍या एवं हत्‍या के प्रयास के आरोपी हैं, जबकि एक कैदी पर बलात्‍कार का मामला दर्ज है। इनमें चार कैदी हत्या व लूट के आरोपी है। जिन्होंने 18 दिसंबर की रात को नईसराय थाना क्षेत्र के बीसोर गांव में रिटायर्ड एसएएफ जवान निहालसिंह रघुवंशी और उनकी पत्नी गीता की गोली मारकर हत्या कर दी थी और घर से सोने-चांदी के जेबर व कार लूट ले गए थे। जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने योजना के तहत ढ़ाबा खोला और वहां जब यह आरोपी शराब पीने पहुंचे तब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर पाई थीं। वहीं शेष चार आरोपी दुष्कर्म व अन्य मामलों में जेल में बंद हैं।

निरीक्षण पर आ सकते हैं डीजी जेल -

कैदियों के फरार होने की योजना का खुलासा होने के बाद जेल प्रबंधन सावधानी बरतते हुए इस सभी आठों कैदियों को प्रदेश की अलग-अलग जेलों में शिफ्ट करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर डीजी जेल अशोकनगर पहुंचकर जेल का निरीक्ष्‍ाण करने आ सकते हैं।
जब शिवराज थे मुख्‍यमंत्री, तब भोपाल जेल से भी फरार हुए थे 8 सिमी कार्यकर्ता

जिस तरह अशोकनगर जिला जेल में बंद 8 विचाराधीन कैदियों ने जेल से फरार होने की योजना बनाई थी, उसी तर्ज पर 31 अक्‍टूबर 2016 भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद स्‍टूडेंट इस्‍लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के 8 कार्यकर्ता, जो कि जेल में विचाराधीन कैदी के तौर पर बंद थे, उन्‍होंने वे जेल प्रहरी का गला रेतकर फरार हो गए थे। बाद में भोपाल पुलिस ने इन आठ फरार कैदियों का एनकाउंटर कर दिया था।   

वर्जन-
आठ कैदियों ने भागने की योजना बनाई, प्रकरण दर्ज करा दिया है। जिनमें हत्या व दुष्कर्म के कैदी शामिल हैं। भोपाल तक जानकारी पहुंच गई हैं, जेल सुरक्षा की बात है, इसलिए ज्यादा नहीं बता सकता।
एसएस सिद्दीकी, जेलर जिला जेल अशोकनगर

जेलर ने आवेदन दिया था कि कैदी भागने के प्रयास की योजना बना चुके हैं, उनके पास कुछ सामान भी मिला है। प्रकरण दर्ज करवा कर अब जांच की जा रही है।
पंकज कुमावत, एसपी अशोकनगर

मामला आज का नहीं, दो-तीन दिन पहले का है। कैदियों ने भागने की प्लानिंग कर ली थी, जेल को भनक लग गई तो एक्शन भी ले लिया। सर्चिंग भी कर ली, सामान एक-दो ही ज्यादा कुछ मिला नहीं। शायद दूसरी जेल में शिफ्ट करने के आदेश भी आ गए हैं।
डॉ.मंजू शर्मा, कलेक्टर अशोकनगर

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