• Last Update 06:11 am

भाजपा की सहयोगी आरएलपी कृषि कानून को लेकर एनडीए से हुई अलग
National

भाजपा की सहयोगी आरएलपी कृषि कानून को लेकर एनडीए से हुई अलग

जयपुर। शिरोमणि अकाली दल के बाद, एनडीए की एक और सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने शनिवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ अपने गठबंधन को तोड़ने की आधिकारिक घोषणा की। पार्टी ने यह फैसला विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पूरी नहीं किए जाने की वजह से लिया है। आरएलपी के संयोजक और राजस्थान के नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने हजारों किसानों की उपस्थिति में अलवर जिले में शाहजहांपुर-खेड़ा सीमा पर अपनी पार्टी के एनडीए से अलग होने की घोषणा की।

किसानों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, भाजपा के साथ आरएलपी का गठबंधन शनिवार को समाप्त हो गया है। इससे पहले 19 दिसंबर को बेनीवाल ने किसानों के आंदोलन के समर्थन में संसद की तीन समितियों से इस्तीफा दे दिया था।mआरएलपी का एनडीए से अलग होने का निर्णय इस गठबंधन के लिए बीते तीन महीने में दूसरा झटका है। 26 सितंबर को, शिरोमणी अकाली दल ने तीन कृषि कानून पर मतभेद के बाद एनडीए का साथ छोड़ दिया था।

बेनीवाल ने साथ ही कहा कि अगर केंद्र कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी, तो वह लोकसभा से भी इस्तीफा दे देंगे।

उन्होंने कहा, मैं एनडीए के साथ फेवीकोल से नहीं जुड़ा हूं। मैंने एनडीए से खुद को अलग कर लिया है..मैंने तीन कृषि कानूनों के विरोध में गठबंधन छोड़ दिया है, जोकि किसान विरोधी है। मैंने एनडीए का साथ भले ही छोड़ दिया है, लेकिन मैं कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करूंगा।

इससे पहले शनिवार सुबह दिल्ली चलो मार्च के लिए जयपुर के समीप कोटपुतली के पास हजारों की संख्या में किसान इकट्ठे हुए थे।

बेनीवाल ने सुबह आईएएनएस से कहा था, करीब 2 लाख किसान मेरे साथ दिल्ली की ओर मार्च कर रहे हैं। हम एनडीए के साथ हमारे गठबंधन के बारे में ऑन द स्पॉट निर्णय लेंगे। अगर कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो, हम एनडीए से हमारे गठबंधन को तोड़ने का फैसला करेंगे।

इससे पहले बेनीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा था कि अगर कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो वह भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने को लेकर विचार करेंगे।

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments