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पीएम मोदी बोले- डीडीसी चुनाव ने नया अध्याय लिखा, जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बधाई
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पीएम मोदी बोले- डीडीसी चुनाव ने नया अध्याय लिखा, जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बधाई

श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत PM जय सेहत योजना लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत ऐतिहासिक है। आज जम्मू-कश्मीर के सभी लोगो को आयुष्मान योजना का लाभ मिलने जा रहा है। वहीं उन्होंने हाल ही में हुए डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट चुनाव के लिए जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बधाई देता हूं। डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट काउंसिल (DDC) के चुनाव ने एक नया अध्याय लिखा है।

पीएम मोदी का संबोधन:
-जम्मू कश्मीर के हर वोटर के चेहरे पर मुझे विकास के लिए, डेवलपमेंट के लिए एक उम्मीद नजर आई, उमंग नजर आई। जम्मू कश्मीर के हर वोटर की आंखों में मैंने अतीत को पीछे छोड़ते हुए, बेहतर भविष्य का विश्वास देखा।

-आज मुझे जम्मू कश्मीर के दो लाभार्थियों से आयुष्मान भारत योजना के बारे में अनुभव जानने का मौका मिला। जिनके लिए हम कार्य करते हैं, उनसे जब संतोष के शब्द मिलते हैं, वो शब्द मेरे लिए आशीर्वाद बन जाते हैं।

-आज का दिन जम्मू-कश्मीर के लिए बहुत ऐतिहासिक है। आज जम्मू-कश्मीर के सभी लोगो को आयुष्मान योजना का लाभ मिलने जा रहा है।

-सेहत स्कीम- अपने आप में ये एक बहुत बड़ा कदम है। और जम्मू-कश्मीर को अपने लोगों के विकास के लिए ये कदम उठाता देख, मुझे भी बहुत खुशी हो रही है।

-अटल जी का जम्मू कश्मीर से एक विशेष स्नेह था। अटल जी इनसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत की बात को लेकर हम सबको आगे के काम के लिए दिशा-निर्देश देते रहे हैं। आज जम्मू कश्मीर इसी भावना को लेकर आगे बढ़ रहा है।

-मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए भी बधाई देता हूं। District Development Council के चुनाव ने एक नया अध्याय लिखा है।

-जम्मू कश्मीर के हर वोटर के चेहरे पर मुझे विकास के लिए, डेवलपमेंट के लिए एक उम्मीद नजर आई, उमंग नजर आई। जम्मू कश्मीर के हर वोटर की आंखों में मैंने अतीत को पीछे छोड़ते हुए, बेहतर भविष्य का विश्वास देखा।

-इन चुनावों में जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत किया है। जम्मू-कश्मीर के प्रशासन और सुरक्षाबलों ने जिस प्रकार से चुनाव का संचालन किया और सभी दलों की तरफ से ये चुनाव बहुत ही परदर्शी हुए। ये जब मैं सुनता हूं तो मुझे बहुत गर्व होता है।

-जम्मू-कश्मीर में ये त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था एक प्रकार से महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज का सपना पूरा किया है। देश में जो पंचायती राज व्यवस्था है उसने आज जम्मू-कश्मीर की धरती पर पूर्णता को प्राप्त किया है।

-जम्मू-कश्मीर में इन चुनावों ने ये भी दिखाया कि हमारे देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है। लेकिन, एक पक्ष और भी है, जिसकी तरफ मैं देश का ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं। पुडुचेरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पंचायत और म्यूनिसिपल इलेक्शन नहीं हो रहे।

-आप हैरान होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में ये आदेश दिया था। लेकिन, वहां जो सरकार है, इस मामले को लगातार टाल रही है। पुडुचेरी में दशकों के इंतजार के बाद साल 2006 में Local Body Polls हुए थे। इन चुनावों में जो चुने गए उनका कार्यकाल साल 2011 में ही खत्म हो चुका है।

-जम्मू-कश्मीर में इन चुनावों ने ये भी दिखाया कि हमारे देश में लोकतंत्र कितना मजबूत है। लेकिन एक पक्ष और भी है, जिसकी तरफ मैं देश का ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं। पुडुचेरी में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पंचायत और म्यूनिसिपल इलेक्शन नहीं हो रहे

-आप हैरान होंगे, सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में ये आदेश दिया था। लेकिन वहां जो सरकार है, इस मामले को लगातार टाल रही है। साथियों, पुडुचेरी में दशकों के इंतजार के बाद साल 2006 में Local Body Polls हुए थे। इन चुनावों में जो चुने गए उनका कार्यकाल साल 2011 में ही खत्म हो चुका है

-कुछ राजनीतिक दलों की कथनी और करनी में कितना बड़ा फर्क है, लोकतंत्र के प्रति वो कितना गंभीर है इस बात से ही पता चलता है। कितने साल हो गए, पुडुचेरी में पंचायत चुनाव नहीं होने दिए जा रहे हैं।

-केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि गांव के विकास में, गांव के लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा रहे। प्लानिंग से लेकर अमल और देखरेख तक पंचायती राज से जुड़े संस्थानों को ज्यादा ताकत दी जा रही है।

-गरीब से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए अब पंचायतों का दायित्व काफी बड़ा है। इसका लाभ जम्मू कश्मीर में भी दिख रहा है। जम्मू कश्मीर के गांव-गांव में बिजली पहुंची, यहां के गांव खुले में शौच मुक्त हो चुके हैं।

-आज जम्मू-कश्मीर के लोगों का विकास हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। चाहे वो महिला सशक्तिकरण हो, युवाओं के लिए अवसर की बात हो, दलितों-पीड़ितों-शोषितों-वंचितों के कल्याण का लक्ष्य हो या फिर लोगों के संवैधानिक व बुनियादी अधिकार हों।

-कोरोना के दौरान भी यहां जम्मू-कश्मीर में करीब 18 लाख सिलेंडर रिफिल कराए गए। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर में 10 लाख से ज्यादा शौचालय बनाए गए। लेकिन इसका मकसद सिर्फ शौचालय बनाने तक सीमित नहीं, ये लोगों के स्वास्थ्य को सुधारने की भी कोशिश है।

-आज हम लोगों को ये विश्वास दिलाने में सफल हुए हैं कि परिवर्तन संभव है। और परिवर्तन उनके चुने हुए प्रतिनिधि ला सकते हैं। जमीनी स्तर पर लोकतंत्र लाकर हम लोगों की आकांक्षाओं को अवसर दे रहे हैं।

-बीते दो सालों में डेढ़ करोड़ से ज्यादा गरीबों ने आयुष्मान भारत योजना का लाभ उठाया है। इससे जम्मू-कश्मीर के लोगों को भी मुश्किल समय में बहुत राहत मिली है। यहां के करीब 1 लाख गरीब मरीजों का अस्पताल में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज किया गया है।

-जम्मू-कश्मीर में कोरोना को लेकर भी जिस तरह राज्य में काम हुआ है वो प्रशंसनीय है। मुझे बताया गया है कि 3,000 से ज्यादा डॉक्टर, 14,000 से ज्याद पैरामेडिकल स्टाफ, आशा कार्यकर्ता दिन रात जुटे रहे और अब भी जुटे हुए हैं।

-जम्मू कश्मीर में 7 नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें एमबीबीएस की सीटें दो गुनी से भी ज्यादा मिलने वाली है। जिन 15 नए नर्सिंग कॉलेजों को मंजूरी मिली है उनसे युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।

-जम्मू और श्रीनगर डिवीजन में दोनों जगह दो कैंसर इंस्टीट्यूट भी बनाए जा रहे हैं। दो एम्स का काम भी तेजी से चल रहा है। नौजवानों को मेंडिकल और पैरामेडिकल एजुकेशन के लिए जम्मू-कश्मीर में ज्यादा से ज्यादा मौके मिलें इसके लिए भी काम हो रहा है।

-रेलवे का पूरा जोर है कि अगले 2-3 साल में वैली रेलवे से कनेक्ट हो जाए। जम्मू और कश्मीर में लाइट से रेल ट्रांजिट मैट्रो को लेकर बात आगे बढ़ रही है। जम्मू में सेमी रिंग रोड का काम जल्द पूरा करने के प्रयास हो रहे हैं।

-सेब के स्टोरेज के लिए सरकार जो सहायता कर रही है, उसमें भी किसानों को बहुत लाभ हुआ है। जम्मू-कश्मीर में नए किसान उत्पादक संघ का निर्माण हो, नए बनें इसके लिए भी लगातार प्रशासन प्रयास कर रहा है।

-नए कृषि सुधारों ने जम्मू में और घाटी में दोनों जगह फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए भी नए अवसर बना दिए हैं। इससे हजारों लोगों को रोजगार और स्वरोजगार का मौका मिलने वाला है।

-जम्मू-कश्मीर में जहां एक तरफ हजारों सरकारी नौकरियां नोटीफाई की जा रही हैं वहीं दूसरी तरफ स्वरोजगार के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। बैंकों के जरिए अब जम्मू-कश्मीर के नौजवान करोबारियों को आसानी से लोन मिलना शुरू हुआ है।

-हमारी सरकार के फैसलों के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के गरीब सामान्य वर्ग को आरक्षण का लाभ मिला है। पहली बार पहाड़ी लोगों को आरक्षण का लाभ मिला है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रहने वालों को भी 4% आरक्षण का लाभ हमारी सरकार ने दिया है।

-हमारे देश में जिस लोगों ने दर्शकों तक शासन किया, उनकी एक बड़ी भूल ये भी रही कि उन्होंने सीमा के पास के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया। जम्मू कश्मीर हो या नॉर्थ ईस्ट, इन क्षेत्रों को पिछड़ेपन में जीने को मजबूर कर दिया।

-हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है कि देश का कोई भी क्षेत्र विकास की धारा से अब वंचित नहीं रहेगा। ऐसे क्षेत्रों में लोगों का बेहतर जीवन भारत की एकता और अखंडता को मजबूती देगा।

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