
नई दिल्ली। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के निजीकरण के लिए प्रारंभिक बोलियां सोमवार यानी आज बंद हो जाएंगी। ऐसे संकेत हैं कि ब्रिटेन की बीपी, फ्रांस की टोटल और सउदी अरामको जैसी बड़ी कंपनियों के बोली लगाने की संभावना नहीं लगती है। सरकार भारत में दूसरी सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी और विपणन कंपनी बीपीसीएल में अपनी पूरी 52.98 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रही है और वह चार मौकों पर शुरुआती अभिरुचि पत्र (ईओआई) दाखिल करने की तारीफ को आगे बढ़ा चुकी है। मौजूदा समयसीमा 16 नवंबर है।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) सचिव तुहिन कांता पाण्डेय ने पिछले महीने बताया था कि समयसीमा को अब और नहीं बढ़ाया जाएगा। उद्योग सूत्रों ने कहा कि बीपी और टोटल के बोली लगाने की संभावना नहीं है और ऐसी खबरें भी हैं कि रूस की प्रमुख ऊर्जा कंपनी रोजनेफ्ट या उसकी सहयोगी और सउदी अरब की तेल कंपनी (सउदी अरामको) कीमत को देखते हुए बोली लगाने की बहुत इच्छुक नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया परंपरागत ईंधन से हट रही है, 10 अरब अमेरिकी डॉलर के करीब की कीमत काफी अधिक है। इसके अलावा कोविड-19 महामारी ने पारंपरिक ईंधनों की मांग को घटाया है और हाइड्रोजन तथा बैटरी चालित इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल उम्मीद से अधिक तेजी से बढ़ सकता है।
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