
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में एक महीने से ज्यादा समय से सड़कों पर डटे किसानों और सरकार के बीच बुधवार को हुई मीटिंग में दो मुद्दों पर सहमति बन गई है। अब 4 जनवरी को एक बार फिर सरकार और किसानों के बीच बैठक होगी। इस मीटिंग से पहले सिंघु बॉर्डर पर मौजूद किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के सुखविंदर सिंह ने कहा – सरकार को कल कानून और MSP के बारे में बात करना चाहिए था लेकिन उन्होंने बात नहीं की। 4 जनवरी को उम्मीद है, सरकार अभी मान नहीं रही कल भी वो हमें लाभ गिनवा रही थी इसलिए हम चाहते हैं कि वो जल्दी 3 कानून को रद्द करें न कि हमें समझाएं।
बता दें कि केंद्र सरकार और किसानों के बीच बुधवार को विज्ञान भवन में हुई 7वें दौर की बैठक सकारात्मक रही थी। यह पहली बैठक रही, जिसमें दोनों पक्षों के बीच 50-50 फीसदी मुद्दों पर सहमति कायम हुई है। 7वें राउंड की बैठक के एजेंडे में चार प्रमुख मुद्दे शामिल रहे, जिसमें कृषि कानून और एमएसपी छोड़कर अन्य दो मांगों पर सरकार सहमत हुई है। जिन मुद्दों पर सरकार सहमत हुई है, वह बिजली और पराली से जुड़ा है। अब चार जनवरी को होने वाली सातवें राउंड की बैठक में तीनों कृषि कानूनों और एमएसपी की गारंटी जैसे दो मुद्दों पर ही चर्चा बाकी रह गई है।
करीब पांच घंटे चली छठे राउंड की बैठक को जहां कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बेहद सकारात्मक बताया, वहीं पराली और बिजली से जुड़े मुद्दों पर सरकार की ओर से सहमत होने पर किसान नेताओं के चेहरे पर भी संतोष के भाव रहे। बैठक में शामिल भारतीय किसान यूनियन के हरपाल सिंह बेलरी ने कहा, सरकार से आज चार मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें बिजली और पराली से जुडे दो मुद्दों पर सरकार ने सहमति व्यक्त करते हुए आदेश जारी करने की बात कही है। तीनों कानूनों को निरस्त करने और एमएसपी की गारंटी पर अभी बात नहीं बन सकी है। अब इन दो मुद्दों पर चार जनवरी की बैठक में चर्चा होगी।
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