
इंदौर, 30 अक्टूबर, (न्यूजमंच), नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा से भाजपा विधायक संजय शर्मा के अलावा, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य और राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त डॉ. गुलाब सिंह किरार और भांडेर से बीजेपी के पूर्व विधायक कमलापति आर्य ने भी कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया है। इसी के साथ ये भाजपा को एक ही दिन में तीन झटकों का सामना करना पड़ा है।
ये तीनो ही बीजेपी के बहुत अहम् नेता माने जाते हैं। एक तरफ बीजेपी को नाम न घोषित करने के कई नुक्सान भुगतने पड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कांग्रेस को इसी का लगातार फायदा होता दिख रहा है। अब जल्द ही बीजेपी ने इसपर कोई कदम नहीं उठाया तो राहुल को मध्य प्रदेश का दौरा और भी फायेदे दे जायेगा। इन तीनो नेताओं के जाने से एक बोट बड़ा वोट बैंक कांग्रेस के पाले में आ गया है।
हालाँकि शोभा ओझा ने बयान दिया है कि गुलाब सिंह किरार के कांग्रेस में शामिल होने कि अब तक कोई जानकारी नहीं है।
गुलाब सिंह किरार
किरार समाज में गुलाब सिंह किरार का बहुत बड़ा नाम है। कांग्रेस इन्हें शिवपुरी कि पोहरी विधानसभा सीट से टिकेट दे सकती है। गुलाब सिंह किरार का नाम व्यापम से भी प्राथमिक आरोपी के रूप में भी जुड़ा है। सीबीआई के द्वारा किरार को प्राथमिक आरोपी बनाने के बाद बीजेपी ने इन्हें अपनी प्राथमिक सदयस्ता से बर्खास्त कर दिया था। किरार को कांग्रेस कि एक बड़ी शक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
कमलापति आर्य
कमलापति आर्य भांडेर से बीजेपी के पूर्व विधायक हैं और यहाँ के एक एक शक्तिशाली नेता है।
संजय शर्मा
संजय शर्मा पहले कांग्रेस में ही थे, भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा से टिकट मिली थी और जीतने के बाद वे विधायक बने।
बताया जा रहा है कि संजय शर्मा को यह लग गया था कि भाजपा इस पर किसी और को तेंदूखेड़ा से टिकट दे सकती है। इसी के बाद उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का मन बना लिया था।
ऐसा नहीं है के गुलाब सिंह किरार कमलापति आर्य ने रातों रात ही कांग्रेस से जुड़ने का फैसला लिया है। ये दोनों ही काफी लम्बे समय से राहुल गाँधी के संपर्क में थे। पहले ये देल्ली जाकर कांग्रेस पार्टी से जुड़ने वाले थे, लेकिन बाद में राहुल गाँधी के मध्य प्रदेश दौरे का इंतज़ार करना उचित समझा।
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