
उदयपुर, 22 दिसंबर, न्यूज़ मंच, हिंदुस्तान ऐयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) चेयरमैन आर माधवन ने कहा है कि एचएएल राफेल फाइटर जेट्स बनाने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने कहा हाल ही में भारत और फ्रांस की दसाल्ट के बीच हुए 36 राफेल विमानों के करार में तकनीकी हस्तांतरण की बात नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि राफेल डील में ऑफसेट पार्टनर चुने जाने पर हुए विवाद के बाद से ही एचएएल चर्चा में है। कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि फ्रेंच कंपनी दसॉल्ट एविएशन से राफेल फाइटर विमानों की डील में काफी ज्यादा रकम चुकाई गई है। कांग्रेस का दावा है कि यूपीए सरकार में हुई डील में राफेल विमानों की कीमत काफी कम रखी गई थी। उस समय कुल 126 राफेल विमानों के लिए डील की गई थी। विपक्ष का सरकार पर यह भी आरोप है कि उसने विमान बनाने वाली सरकारी कंपनी एचएएल को नजरअंदाज करते हुए प्राइवेट कंपनी रिलायंस डिफेंस को डील में ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने में मदद की है।
कांग्रेस का कहना है कि तकनीकी हस्तांतरण के जरिए राफेल विमान का एचएएल में निर्माण किया जा सकता था। माधवन ने कहा जब राफेल डील की चर्चा शुरू हुई थी, तब भी एचएएल राफेल विमान बनाने में सक्षम था, लेकिन हालिया सरकार द्वारा की गई 36 विमानों की डील अलग है। उन्होंने कहा यह डील 36 राफेल विमानों को जल्द से जल्द लाने के लिए की गई है, क्योंकि यह भारतीय वायुसेना के लिए जरूरी है। इसलिए इन 36 विमानों को बनाए जाने का सवाल ही नहीं उठता है।
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