
नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन का बड़ा बयान सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री ने देशभर के लोगों को फ्री में कोरोना वैक्सीन दिए जाने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री से जब सवाल किया गया कि कोरोना वैक्सीन जैसे दिल्ली में फ्री होगी, क्या वैसे ही देश के अन्य राज्यों में भी होगी? इस सवाल पर डॉ हर्षवर्धन ने कहा, 'कोरोना वैक्सीन दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में फ्री होगी।
हालांकि कुछ देर बाद उन्होंने इस पर सफाई देते हुए ट्वीट किया। डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगेगी। इनमें 1 करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर शामिल हैं। बाकी प्राथमिकता सूची में शामिल 27 करोड़ लोगों को जुलाई तक कैसे वैक्सीन दी जाएगी, इस बारे में फैसला लिया जा रहा है।
In 1st phase of #COVID19Vaccination free #vaccine shall be provided across the nation to most prioritised beneficiaries that incl 1 crore healthcare & 2 crore frontline workers
— Dr Harsh Vardhan (@drharshvardhan) January 2, 2021
Details of how further 27 cr priority beneficiaries are to be vaccinated until July are being finalised pic.twitter.com/K7NrzGrgk3
बता दें कि एक दिन पहले ही केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की 10 सदस्यीय समिति ने ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन 'कोविशील्ड' के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दी है। हालांकि अभी ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से मंजूरी मिलना बाकी है ऐसे में उम्मीद यही है कि जल्द ही देश में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होगा।
ड्राई रन की प्रोसेस में वैक्सीनेशन से इतर चार स्टेप्स
ड्राई रन की प्रोसेस में वैक्सीनेशन से इतर चार स्टेप्स शामिल हैं। इनमें 1. बेनीफिशियरी (जिन लोगों को डमी वैक्सीन लगाई जानी है) की जानकारी, 2. जहां वैक्सीन दी जानी है उस जगह की डिटेल, 3. मौके पर डाक्यूमेंट्स का वैरिफिकेशन और 4. वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल और रिपोर्टिंग की जानकारी अपलोड करना शामिल है। ड्राई रन में पहले लिस्ट में शामिल किए कुछ लोगों को डमी वैक्सीन दी जा रही है। इस दौरान वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए जरूरी इंतजामों का रिव्यू किया जाएगा। इससे असली वैक्सिनेशन के दौरान आने वाली संभावित कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
हर साइट पर मेडिकल ऑफिसर इनचार्ज 25 बेनीफिशियरी को चुन रहा है। हर सेंटर पर तीन कमरे हैं। पहला कमरा वेटिंग के लिए। इसमें हेल्थ वर्कर की पूरी जानकारी का डेमो मिलान किया जा रहा है। दूसरे कमरे में वैक्सीन दी जा रही है। तीसरे कमरे में वैक्सीन लगवाने वाले को 30 मिनट रखा जा रहा है। ताकि उसे कोई परेशानी होने पर इलाज दिया जा सके। ड्राई रन में ये बेनीफिशियरी हेल्थ वर्कर्स ही है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे बेनीफिशियरी का डेटा Co-WIN ऐप पर अपलोड करें। यह वैक्सीन की डिलीवरी और मॉनीटरिंग का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस प्रोसेस के बाद Co-WIN उपयोगी हो पाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि करीब 96 हजार वैक्सीनेटर्स को वैक्सीनेशन की ट्रेनिंग दी गई है। 2360 पार्टिसिपेंट्स को नेशनल ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स इंस्टीट्यूट में और 719 जिलों में 57 हजार से अधिक पार्टिसिपेंट्स को ट्रेनिंग दी गई है। वैक्सीन से संबंधित कोई भी जानकारी किसी भी राज्य में 104 नंबर डायल करके हासिल की जा सकेगी।
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