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Economy: राहुल ने इकोनॉमी को लेकर साधा मोदी सरकार पर निशाना, बोले- इतिहास में पहली बार मंदी की चपेट में भारत
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Economy: राहुल ने इकोनॉमी को लेकर साधा मोदी सरकार पर निशाना, बोले- इतिहास में पहली बार मंदी की चपेट में भारत

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की आर्थिक हालत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने गुरुवार सुबह इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा, 'भारत इतिहास में पहली बार मंदी की चपेट में है। पीएम मोदी के एक्शन ने भारत की ताकत को कमज़ोरी में बदल दिया है। बता दें कि राहुल ने अपने ट्वीट के साथ जिस खबर के स्क्रीन शॉट शेयर किए हैं, उसमें रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के हवाले कहा गया है कि साल 2020-21 की पहली तिमाही के अंत में भारत इतिहास में पहली बार मंदी की चपेट में आ सकता है। जीडीपी 8.6% सिकुड़ सकती है।

बता दें कि राहुल गांधी इकोनॉमी को लेकर लगातार पीएम मोदी पर हमला बोल रहे हैं। बीते दिनों राहुल ने नोटबंदी को लेकर पीएम को घेरा था। राहुल ने कहा था, नोटबंदी PM की सोची समझी चाल थी ताकि आम जनता के पैसे से ‘मोदी-मित्र’ पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपय क़र्ज़ माफ़ किया जा सके। ग़लतफ़हमी में मत रहिए- ग़लती हुई नहीं, जानबूझकर की गयी थी। इस राष्ट्रीय त्रासदी के चार साल पर आप भी अपनी आवाज़ बुलंद कीजिए। नोटबंदी के विरोध में पार्टी के ऑनलाइन अभियान 'स्पीक अप एगेंस्ट डिमो डिजास्टर' के तहत जारी एक वीडियो में गांधी ने कहा कि सवाल यह है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था कैसे भारत की अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ गई, क्योंकि एक समय था जब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे उच्च प्रदर्शन वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक थी।

राहुल ने कहा, प्रधानमंत्री ने कहा था कि यह काले धन के खिलाफ लड़ाई है, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक झूठ था। यह आप पर हमला था। मोदी आपका पैसा लेना चाहते थे और उसे अपने 2-3 उद्योगपति मित्रों को देना चाहते थे। आप लाइनों में खड़े हुए, उस लाइन में उनके उद्योगपति मित्र नहीं थे। आपने अपना पैसा बैंकों में रखा और प्रधानमंत्री मोदी ने उस पैसे को अपने दोस्तों को दिया और उन्हें 3,50,000 करोड़ रुपए की कर्ज माफी दी।

कांग्रेस नेता ने दावा किया था कि मोदी ने “त्रुटिपूर्ण जीएसटी” लागू किया और छोटे, मध्यम कारोबार बर्बाद हो गए, क्योंकि “उन्होंने अपने तीन-चार पूंजीपति दोस्तों के लिए रास्ता साफ किया।” गांधी ने आरोप लगाया कि अब किसानों को तीन नए कृषि कानूनों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है जो किसानों को “खत्म” कर देंगे। गांधी ने कहा कि मोदी ने भारत का गौरव--उसकी अर्थव्यवस्था को “बर्बाद” कर दिया। उन्होंने कहा, “हमें मिलकर पुनः भारत बनाना है।” कांग्रेस नोटबंदी की चौथी वर्षगांठ को “विश्वासघात दिवस” के तौर पर मना रही है। गौरतलब है कि आठ नवंबर 2016 को रात आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी ने 500 और 1000 रुपये के नोटों को उसी दिन आधी रात से बंद करने की घोषणा की थी और इनकी जगह 500 और 2000 रुपये के नए नोट लाने का ऐलान किया था।

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