
नई दिल्ली। भारत ने मंगलवार को अपनी सबसे खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परीक्षण किया। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से परीक्षण किया गया है। मिसाइल ने तय समय में अपने टारगेट को ध्वस्त कर दिया। भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की इस मिसाइल के परीक्षण का मकसद मिसाइल के रेंज को बढ़ाना था। जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर 400 किलोमीटर किया गया है।
ब्रह्मोस मिसाइल 28 फीट लंबी है। यह 3000 किलोग्राम वजन की है। इसमें 200 किलोग्राम के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं। यह 300 किलोमीटर से 800 किलोमीटर तक की दूरी पर बैठे दुश्मन पर अचूक निशाना लगाती है। इसकी गति इसे सबसे ज्यादा घातक बनाती है। यह 4300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हमला करती है। बता दें कि हाल ही में एक खबर आई थी कि वियतनाम भारत की इस मिसाइल को खरीदना चाहता है। इस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर बनाया है इसलिए इसे वियतनाम को देने के लिए रूस की सहमति जरूरी थी। लेकिन अब रूस ने इस मिसाइल के निर्यात की अनुमति दे दी है।
वियतनाम भारत से ब्रह्मोस और आकाश एयर डिफेंस मिसाइलें लेना चाहता है। अगर यह डील होती है तो भारत को अगले पांच साल में 5 अरब डॉलर का निर्यात करना होगा। ब्रह्मोस के एक अधिकारी ने रूस में बताया था कि अनुमति देने का कदम भारत और रूस के सामरिक रिश्तों और रक्षा सहयोग को नई ऊचाइंयों पर ले जाएगा। साल 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि दुनिया के कई देश भारतीय मिसाइल खरीदने के इच्छुक हैं। कई देशों ने भारतीय मिसाइलों में अपनी रुचि दिखाई हैय़ इनमें से वियतनाम भारत से ब्रह्माोस मिसाइल खरीदना चाहता है।
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