
काठमांडू। भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे का आज नेपाल दौरे का तीसरा और अंतिम दिन है। अपने तीन दिवसीय दौरे के समापन के पहले शुक्रवार को सेना प्रमुख एवरेस्ट बेस कैंप पर पहुंचे और 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित होटल एवरेस्ट व्यू में नाश्ता किया। नई दिल्ली लौटने से पहले, भारतीय सेना प्रमुख नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के साथ एक बैठक करेंगे, जो रक्षा मंत्रालय का प्रभार भी संभालते हैं। इससे पहले गुरुवार को सेना प्रमुख नरवणे को राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने नेपाल सेना के जनरल के मानद रैंक से सम्मानित किया था। राष्ट्रपति कार्यालय में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ओली, भारतीय राजदूत विनय एम. क्वात्रा और दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। नरवणे बुधवार को नेपाल दौरे पर पहुंचे थे।
बीते कुछ महीनों से भारत-नेपाल के बीच तल्खी
बता दें की भारत और नेपाल के रिश्तों में बीते कुछ महीनों से तल्खी चल रही है। सेना प्रमुख के इस दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों में जमी बर्फ जल्द ही पिघल सकती है। इस साल की शुरुआत में नेपाल के नए नक्शे को जारी किए जाने के बाद से दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गई थी। हालांकि, दोनों देशों के संबंधों में खटास के बावजूद, दोनों सेनाओं ने अपने करीबी रिश्ते को बनाए रखा है। दरअसल, 8 मई को भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क का उद्घाटन किया था। भारत के इस कदम से नेपाल नाराज हो गया और प्रधानमंत्री केपी ओली शर्मा ने 20 मई को उनके देश का एक नया नक्शा जारी कर दिया। इस नक्शे में भारत के कंट्रोल वाले कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया। जिस हिस्से को लेकर विवाद चल रहा है वो करीब 335 स्क्वायर किलोमीटर का है।
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