
अशोक नगर, 26 नवंबर, न्यूज़मंच, अशोक नगर विधान सभा सीट की निर्वाचन क्षेत्र संख्या 32 है। यह सीट SC के लिए आरक्षित है। अशोक नगर विधान सभा सीट, गुना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अशोक नगर जिले में आती है। इस सीट पर 2013 के विधान सभा चुनाव में, बीजेपी से Gopilal Jatav की जीत हुई थी, और उन्हें 55976 वोट मिले थे। Gopilal Jatav के निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस से Jajpalsingh Jajji थे जिन्हे, 52628 वोट मिले थे। Gopilal Jatav और Jajpalsingh Jajji के बीच वोटों का अंतर 3348 था। 2018 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी के Ladduram Kori के विरुद्ध कांग्रेस के Jajpal Singh Jajji लड़ रहे हैं।
अशोकनगर विधानसभा में कांग्रेस जीतेगी या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), यह पूर्वानुमान लगा पाना फिलहाल असंभव है। दोनों दलों के प्रत्याशियों के बीच यहां कड़ा मुकाबला है। विधानसभा के शाढ़ौरा बेल्ट में भारतीय जनता पार्टी का प्रदर्शन औसत और कांग्रेस की बेहतर बढ़त रहने की उम्मीद है, वहीं राजपुर कचनार बेल्ट में भाजपा को मामूली बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। ऐसे में अशोकनगर शहर के मतदाता ने जिस दल को वोट किया होगा, उसका जीतना तय माना जा रहा है। लेकिन अशोकनगर विधानसभा का शहरी मतदाता फिलहाल खामोश रुख अख्तियार किए हुए हैं, ऐसे में यहां से कांग्रेस-भाजपा की जीत का पूर्वानुमान लगा पाना मुश्किल भरा है।
अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र में कहीं कांग्रेस के जजपाल सिंह जज्जी मजबूत नजर आ रहे हैं, तो कहीं भाजपा के लड्डूराम कोरी की स्थिति बेहद मजबूत है। 2013 के चुनाव में जज्जी महज 3348 वोटों के अंतर से हारे थे। पिछली हार से सबक लेते हुए इस बार जज्जी ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जज्जी ने अपने नगरपालिका अध्यक्षीय कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों को बताकर विधानसभा क्षेत्र की जनता से विकास के नाम पर वोट मांगे। वहीं भाजपा ने जज्जी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर उनके खिलाफ तीखे हमले बोले। भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग के बीच जाकर असली और नकली का मुद्दा उछालते हुए असली दलित को वोट देने की अपील की।
जज्जी को पिछले चुनाव में जहां शाढ़ौरा बेल्ट से करीब साढ़े पांच हजार वोटों की बढ़त मिली थी, वहीं अशोकनगर के शहरी क्षेत्र में वह गोपीलाल जाटव से बड़े अंतर से पिछड़ गए थे। जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस चुनाव में जज्जी ने शहरी क्षेत्र के साथ ही उन पोलिंगों पर विशेष फोकस किया, जहां से वे पिछली बार चुनाव हारे थे। वहीं लड्डूराम कोरी को अपनी ही पार्टी के पूर्ववर्ती विधायक गोपीलाल जाटव की निष्क्रियता और भाजपा शासित मौजूदा नगरपालिका परिषद के विरोध के कारण अशोकनगर शहर की पिछड़ी बस्तियों में मतदाताओं के विरोध का सामना करना पड़ा है, हालांकि लड्डूराम को चुनाव के दौरान बने जातिगत समीकरणों का जरूर फायदा मिलता लगा रहा है।
जज्जी समर्थक, रघुंवशी समाज से जुड़े मतदाताओं के बाहुल्य वाले शाढ़ौरा बेल्ट में अच्छी-खासी बढ़त का अनुमान लगाकर चल रहे हैं, जबकि मतदान बाद शाढ़ौरा बेल्ट के मतदाताओं से मिलें रुझान के मुताबिक कुछ गांवों को छोड़कर अधिसंख्य गांवों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों को समानुपात में वोट मिले हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही उम्मीद है कि उन्हें शाढ़ौरा कस्बे की पोलिंगों पर जीत मिलेगी। शाढ़ौरा बेल्ट में डाले गए वोटों के विश्लेषण से जाहिर होता है कि इस बेल्ट की पोलिंगों से कांग्रेस को करीब 4-5 हजार वोटों की बढ़त मिलेगी।
अशोकनगर विधानसभा के राजपुर कचनार ग्रामीण बेल्ट के रघुवंशी बाहुल्य गांवों में कांग्रेस के पक्ष में एकतरफा मतदान किए जाने की संभावना है। कांग्रेस इस बेल्ट में भाजपा के जातिगत समीकरणों को बिगाड़ने में भी कामयाब हुई है, इस क्षेत्र के यादव बाहुल्य गांवों की कई पोलिंगें ऐसी हैं, जहां से कांग्रेस बढ़त लेती हुई दिखाई दे रही है। इसके चलते भाजपा को इस क्षेत्र से बढ़ी लीड मिलने की जो उम्मीद थी, वह सिमटती नजर आ रही है। ऐसे हालातों में शाढ़ौरा और राजपुर-कचनार के ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस और बीजेपी के वोट लगभग बराबर रहने का अनुमान है।
अब दोनों ही दलों की हारजीत का दारोमदार अशोकनगर के शहरी मतदाता के रूख पर निर्भर कर रहा है। मतदान के बाद शहरी मतदाता किसी दल के प्रति अपना स्पष्ट रुझान जाहिर नहीं कर रहा है। वोटिंग के हफ्ते भर पहले तक पूरे विधानसभा क्षेत्र में खबर थी कि रघुवंशी जाति से जुड़े अधिसंख्य नेता और मतदाता जज्जी के पक्ष में हैं, ऐसे में सिक्ख और रघुवंशी समाज के अलावा यादव, अनुसूचित जाति वर्ग, जैन, ब्राह्म्ण समेत अन्य जातियों के मतदाता लड्डूराम और भाजपा के पक्ष में लामबंद होते दिखें, लेकिन मतदान के ऐन वक्त पहले जज्जी इस लामबंदी में सेंध लगाने में कामयाब हो गए। इसके बावजूद भी इन जातियों से जुड़े अधिसंख्य मतदाता लड्डूराम के पक्ष में टिके रहें। ऐसे हालातों में 11 दिसंबर को ही पता चलेगा कि शहरी मतदाता किसके पक्ष में रहा है, फिलहाल यह जरूर तय है कि शहरी मतदाता ने जिसका साथ दिया है, वही अशोकनगर का सरताज होगा।
राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार अशोकनगर विधानसभा में जातिगत समीकरण
जातिगत आकंड़ों के लिहाज से अशोकनगर विधानसभा अनुसूचित जाति वर्ग, यादव और रघुवंशी मतदाता निर्णायक भूमिका में होते हैं। एक अनुमान के मुताबिक यहां करीब 38 हजार अनूसुचित जाति वर्ग के मतदाता, करीब 28 हजार यादव मतदाता, 25 हजार रघुवंशी मतदाता हैं। इसके अलावा करीब 14 हजार ब्राह्मण, 10 हजार जैन, 12 हजार मुस्लिम, 14 हजार कुशवाह सहित शेष अन्य जातियों के मतदाता हैं।
प्रत्याशी
कांग्रेस ने दो बार के नगरपालिका अध्यक्ष रह चुके जजपाल सिंह जज्जी को प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी को चुनावी मैदान में उतारा है,जबकि बहुजन समाज पार्टी ने बालकृष्ण महोबिया को अपना उम्मीदवार बनाया है। यहां से कुल 11 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, हालांकि सीधा मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच ही माना जा रहा है।
इस सीट पर 2018 के चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार JAJPAL SINGH JAJJI ने 9730 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की|
यहाँ पर कुल 11 उम्मीदवार मैदान में थे| सभी उम्मीदवारों की पूरी जानकारी नीचे दी गयी है
| # | Name | Party | Votes | Result |
|---|---|---|---|---|
| 1. | Jajpal Singh Jajji | Inian National Congress | 65750 | WIN |
| 2. | Er. Ladduram Kori | Bharatiya Janata Party | 56020 | LOSS |
| 3. | Balkrishn | Bahujan Samaj Party | 9559 | LOSS |
| 4. | Devilal Thekedar | Sapaks Party | 1462 | LOSS |
| 5. | Jagdish Bhandari (ahirwar) | Bahujan Sangharshh Dal | 1090 | LOSS |
| 6. | Jeevandas | Independent | 613 | LOSS |
| 7. | V P Singh Jatav | Independent | 558 | LOSS |
| 8. | Shyam Shakya | Socialist Unity Centre Of Inia (communist) | 520 | LOSS |
| 9. | Raj Bai | Mahanwadi Party | 345 | LOSS |
| 10. | Dayaludas Shakya | Bhartiya Panchyat Party | 287 | LOSS |
| 11. | Lalliram | Aam Aadmi Party | 259 | LOSS |
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