
नई दिल्ली। पूरी दुनिया बीते करीब 10 महीनों से कोविड-19 महामारी से जूझ रही है, लेकिन अब तक इस से निपटने के लिए कोई कारगर वैक्सीन नहीं बन पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि कोविड का टीका बाजार में कब तक आएगा, किसको पहली डोज मिलेगी? क्या जब ये वैक्सीन भारत में उपलब्ध होगी तो देश के हर एक नागरिक के लिए उपलब्ध होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अंग्रेजी अखबरा को दिए इंटरव्यू में इसका जवाब दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि ‘मैं देश को आश्वस्त कराना चाहता हूं कि जैसे ही देश में वैक्सीन उपलब्ध होगी, हर किसी को वैक्सीन दी जाएगी। किसी को छोड़ा नहीं जाएगा’।
कब तक उपलब्ध होगी वैक्सीन?
कोविड-19 के 150 से भी ज्यादा टीको पर दुनियाभर में रिसर्च और ट्रायल चल रहा है। केवल रूस ऐसा देश है जिसने कोविड-19 की पहली वैक्सीन को रजिस्टर किया और इसे स्पुतनिक V नाम दिया। हालांकि अभी बड़े पैमाने पर फेज-3 ट्रायल के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन से भी दुनिया को काफी उम्मीदे है। वहीं अगर भारत की बात की जाए तो यहां कोविड के तीन टीकों का ट्रायल चल रहा है। इनमें से दो वैक्सीन भारतीय वैज्ञानिकों ने ही डेवलप की हैं।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और भारत बायोटेक की बनाई वैक्सीन Covaxin दूसरे दौर के ट्रायल में है जबकि जायडस कैडिला की वैक्सीन ZyCov-D का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की अस्त्राजेनेका वैक्सीन फेज 3 ट्रायल में है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन कह चुके हैं कि अगले साल जुलाई तक देश में कोरोना वैक्सीन की 40 से 50 करोड़ खुराक आने और 20 से 25 करोड़ लोगों का टीकाकरण हो जाने की संभवना है।
इसमें स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को प्राथमिकता में रखने की बात है। इसमें सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों के कर्मचारी, नर्स, पैरामेडिक्स, सैनिटरी स्टाफ, आशा, और कोरोना मरीजों की टेस्टिंग व ट्रेसिंग से जुड़े लोग शामिल होंगे। राज्यों से ब्लॉक स्तर तक टीका पहुंचाने के लिए जरूरी कोल्ड चेन एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी भी मांगी गई है। ऐसे में अब पूरी-पूरी उम्मीद है कि 2021 के मध्य तक भारत को कोरोना की वैक्सीन मिल जाएगी और कोरोना का संक्रमण नियंत्रण में आ जाएगा।
Leave Comments