
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को राष्ट्रपति से मुलाकात कर कृषि कानून के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि 'हम तीन लोग राष्ट्रपति के पास करोड़ों हस्ताक्षर लेकर गए। यह देश की आवाज है। सर्दी का समय है, किसान आंदोलन कर रहे हैं और मर भी रहे हैं। आज मैं एडवांस में बोल रहा हूं किसान और मजदूर के सामने कोई शक्ति खड़ी नहीं हो सकती। अगर कानून वापस नहीं हुए तो सिर्फ आरएसएस और बीजेपी को ही नहीं, देश को भी नुकसान होने जा रहा है।'
वहीं राहुल ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बीजेपी, नरेंद्र मोदी जी का एक ही लक्ष्य है और वो किसान-मजदूर समझ गया है। उनका लक्ष्य अपने अमीर दोस्तों को फायदा पहुंचाना है, जो भी नरेंद्र मोदी के खिलाफ खड़े होते हैं वो उनके बारे में कुछ ना कुछ गलत बोलते रहते हैं।’ राहुल ने कहा, ‘किसान खड़े हो जाएंगे तो उसे आतंकवादी बोलेंगे, मजदूर खड़े हो जाएंगे तो उन्हें आतंकवादी बोलेंगे और एक दिन अगर मोहन भागवत खड़े हो जाएंगे तो कहेंगे ये भी आतंकवादी हैं। जो भी नरेंद्र मोदी जी से सवाल पूछने की कोशिश करेगा वो आतंकवादी है और नरेंद्र मोदी सिर्फ अपने दो-तीन लोगों के लिए काम कर रहे हैं जिनको वो पूरा हिंदुस्तान पकड़ा रहे हैं।’
राहुल गांधी ने कहा, 'प्रधानमंत्री को समझने की जरूरत है कि हर चीज की हद होती है। मैं फिर से दोहरा रहा हूं कि जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी कर रहे हैं उससे हिंदुस्तान के किसी युवा को रोजगार नहीं मिलेगा, सारे मिडिल क्लास रोजगार खत्म हो जाएंगे। भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है, लोकतंत्र सिर्फ कल्पना में हो सकता है असलियत में कोई लोकतंत्र नहीं है।'
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर डटे किसानों के आंदोलन का आज 29वां दिन है। कृषि कानूनों पर केन्द्र सरकार की तरफ से दिए गए संशोधन के प्रस्ताव को किसान संगठनों ने बुधवार को खारिज कर दिया। हालांकि प्रदर्शनकारी किसान और किसान संगठन सरकार से वार्ता के लिए तैयार है और इंतजार कर रहे हैं कि सरकार कब खुले मन, खुले दिमाग और साफ नीयत से इस वार्ता की आगे बढ़ाए।
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