
नई दिल्ली, 11 जनवरी, न्यूज़ मंच, रोहतक की सुनारिया जेल में साध्वियों से रेप के मामले में राम रहीम सजा काट रहा है। हरियाणा में एक सांध्य अखबार चलने वाले पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के आरोप में भी राम रहीम को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया है।
बता दें कि, पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की अक्टूबर 2002 में सिरसा, हरियाणा में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। वह शाम का अखबार निकलते थे। गौरतलब है कि पत्रकार राम चंद्र छत्रपति वही पत्रकार थे, जिन्होंने राम रहीम का सच पूरी दुनिया के सामने सबसे पहले लाया था। वे प्रमुखता से राम रहीम के खिलाफ ख़बरों को अपने सांध्य अखबार में छापते थे। जिन दो साध्वियों के साथ रेप के लिए राम रहीम दोषी सिद्ध हुआ, उनकी खबर को भी इसी अखबार में पत्रकार राम चंद्र ने सबसे पहले कवर किया था।
इस खबर के प्रकाशित होने के बाद राम रहीम के लोग पत्रकार राम चंद्र छत्रपति को आए दिन धमकियां देते थे। इसके बावजूद पत्रकार राम चंद्र छत्रपति निर्भीक होकर राम रहीम के खिलाफ लिखते रहे। उन्होंने राम रहीम के खिलाफ साध्वियों की मदद की थी। राम चंद्र ने साध्वियों के द्वारा प्रधान मंत्री को लिखी गयी लिखी चिट्ठी अपने अखबार में छपी थी। इसके बाद अक्टूबर 24, 2002 को पत्रकार छत्रपति पर घर के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला किया। उनकी गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। पिता की हत्या के बाद उनका बेटा अंशुल न्याय के लिए जगह-जगह भटकता रहा, लेकिन आखिरकार आज इस मामले में कोर्ट फैसला सुनाने जा रहा है। 17 जनवरी को गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाई जाएगी।
अखबार पूरा सच ने क्या खुलासा किया था राम रहीम के बारे में
आपको बता दें कि राम रहीम द्वारा साध्वी से रेप की घटना कई दिनों तक दबी रही। इस पूरी घटना का खुलासा जिस गुमनाम चिट्ठी से हुआ वो पत्रकार छत्रपति ने अपने अखबार में प्रकाशित की थी। उस वक्त यह चिट्ठी तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, चीफ जस्टिस पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, समेत कई संस्थानों में भेजी थी।
तीन पेज की चिट्ठी हाथ आने के बाद पत्रकार छत्रपति ने राम रहीम के बारे में अपने अखबार में छापा था। इसके कुछ दिन बाद ही पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने इस चिट्ठी का संज्ञान लेते हुए सिरसा के डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज को इसकी जांच कराने का आदेश दिया। जिसके बाद जज ने यह जांच सीबीआई को सौंपी।
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