
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस राज्य इकाई के अक्ष्यक्ष कमलनाथ द्वारा राज्य के डबरा विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उप-चुनाव के दैरान बीते 18 अक्टूबर की एक चुनावी रैली में महिला मंत्री इमरती देवी के खिलाफ प्रयोग की गई अमयार्दित भाषा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लयू) ने सख्त रूख अख्तियार कर लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस टिप्पणी को लेकर कमलनाथ से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही मामले को चुनाव आयोग को भी जरूरी कार्रवाई के लिए भेज दिया है।
महिला आयोग ने बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
आयोग ने इस बाबत भेजे गए अपने एक पत्र में मध्य प्रदेश के वरिष्ठ नेता द्वारा एक महिला के खिलाफ प्रयोग की टिप्पणी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए उसकी निंदा की है। भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एक वीडियो भी महिला आयोग को भेजा था। महिला आयोग ने पाया कि जिन शब्दों का वीडियो में प्रयोग किया गया है, वह बेहद खेदजनक हैं और एक महिला का साफ अनादर करने वाला है। यह एक ऐसे समय में हुआ है, जब हम चाहते हैं कि महिलाएं राजनीति में आएं। हैरानी की बात है कि यह उस व्यक्ति की भाषा है, जिसे देश का गंभीर नेता माना जाता रहा है।
असावधानी में नहीं सोच-समझ कही गई यह बात
भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा वर्मा को कार्रवाई संबंधी एक शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा है कि कांग्रेस नेता कमलनाथ ने जानबूझकर अनुसूचित जाति की महिला प्रत्याशी का अपमान करने के लिए ‘आईटम’शब्द का इस्तेमाल किया। जो कि नारी की गरिमा पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अश्लीलता का बोध कराने वाले इस शब्द का प्रयोग पूरी तरह से सोच-समझकर किया गया है।
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