
सागर, 16 जनवरी, न्यूज़ मंच, 2019 लोक सभा चुनाव जैसे-जैसे नज़दीक आता जा रहा है, वैसे-वैसे लगातार कोई न कोई नेता अपने विस्फोटक बयान की वजस से सुर्खियां बटोर रहा है। अब सागर, मध्य प्रदेश से बीजेपी के सांसद लक्ष्मी नारायण यादव ने, किसान कर्ज़ा माफ़ी को लेकर एक विवादस्पद बयान दे दिया। जब उनसे ये पुछा गया कि बीजेपी किसान क़र्ज़ माफ़ी वाले मुद्दे को क्यूँ नहीं उठा पायी, तो उन्होंने कहा, "हम बहुत साफ़ कह रहे हैं कि, हम किसान कर्ज़ा माफ़ी के विरोध में हैं। "
उन्होंने अपने इस बयान पर यह तर्क दिया कि, कर्ज़ा माफ़ी से ईमानदार किसान को नुकसान होता है। कर्ज़ा माफ़ी से किसी समस्या का हल नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि कर्ज़ा माफ़ी एक दुष्चक्र है, और बीजेपी सरकार ने किसान को इस दुष्चक्र से निकालने के लिए उसकी आर्थिक स्तिथि में सुधार किया है।
किसान क़र्ज़ माफ़ी कांग्रेस का "ट्रम्प कार्ड"
एक तरफ जहाँ कांग्रेस किसानो के क़र्ज़ माफ़ी को ट्रम्प कार्ड की तरह देख रही है, वहीँ बीजेपी के नेता इसे दुष्चक्र घोषित कर रहे हैं। हालाँकि, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व किसान क़र्ज़ माफ़ी के मुद्दे को बहुत गंभीरता से लेता हुआ दिखाई दे रहा था, लेकिन बीजेपी नेताओं के इस प्रकार के बयान उन्हें कितना नुकसान पहुंचाते हैं, ये लोक सभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा।
मायावती ने भी किसान क़र्ज़ माफ़ी की मांग की
हाल ही में, अपने जन्म दिन के मौके पर, बसपा प्रमुख मायावती ने भी कहा कि कांग्रेस ने किसानो के साथ पूर्ण क़र्ज़ माफ़ी ना करके धोखा किया, और साथ ही किसानो के लिए 100 प्रतिशत क़र्ज़ माफ़ी की मांग भी की।
2019 के चुनाव में किसान क़र्ज़ माफ़ी एक अहम मुद्दा
इससे ये तो साफ़ होता है कि, किसान क़र्ज़ माफ़ी पर बड़ी ज़ोर - शोर से राजनीति चल रही है, और ये मुद्दा 2019 के लोक सभा चुनाव के साथ साथ राज्यों में विधान सभा चुनावों में सरकार बनाने में बेहद अहम भूमिका निभाने वाला है।
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