
अहमदाबाद। गुजरात के भरूच से भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनसुख वसावा ने अपने इस्तीफे के फैसले को वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री विजय रुपाणी से मुलाकात के बाद मनसुख वसावा ने ये फैसला किया है। दोनों नेताओं की करीब 45 मिनट तक मीटिंग चली, जिसके बाद मनसुख वसावा इस्तीफा वापस लेने के लिए मान गए। बता दें कि मंगलवार को मनसुख वसावा ने बीमारी को वजह बताते हुए पार्टी से अपना इस्तीफा दिया था। हालांकि ऐसा माना जा रहा था कि मनसुख वसावा ने एक आईएएस अधिकारी से नाराजगी के चलते इस्तीफा देने का फैसला किया था।
गुजरात भाजपा अध्यक्ष सीआर पाटिल को भेजे एक पत्र में उन्होंने कहा था कि आगामी लोकसभा सत्र में वो अपना लोकसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुझे मेरी क्षमता से ज्यादा मौके दिए। इसके लिए मैं हमेशा केंद्रीय नेतृत्व का आभारी रहूंगा। मैं पार्टी सिद्धांतों के साथ अपने निजी विश्वास का भी सावधानीपूर्वक पालन करता रहा हूं। पत्र में आगे कहा, ‘मेरी गलतियों से पार्टी को नुकसान ना हो इसलिए मैं अपना इस्तीफा दे रहा हूं। प्लीज मुझे माफ कर दें। मैं आगामी बजट सत्र के दौरान माननीय लोकसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दूंगा।’
बता दें कि वसावा ने पिछले सप्ताह पीएम को पत्र लिखा था और उनसे पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के आदेश को किसानों और स्थानीय लोगों के हित में वापस लेने का आग्रह किया था। पत्र में कहा- MoEFCC अधिसूचना के नाम पर सरकारी अधिकारियों ने आदिवासियों की निजी संपत्तियों में हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। नर्मदा में स्थानीय आदिवासियों को विश्वास में नहीं लिया गया या इस मुद्दे की समझ नहीं दी गई है, जिससे उनमें भय और अविश्वास पैदा हुआ है।
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