
न्यूज़मंच भोपाल, अगर आप कोरोना/कोविड-19 से संक्रमित किसी व्यक्ति का नाम अथवा अन्य जानकारी फेसबुक, व्हाआट्सएप्पो या सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म पर पोस्टय करते हैं या शेयर करते हैं, तो आपको कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के साथ ही आपको जेल भी जाना पड़ सकता है।
इस हेतू मध्यकप्रदेश राज्य शासन द्वारा कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों की जानकारी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर उपलब्ध नहीं कराने के सम्बन्ध में आवश्यवक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें उल्लेफख है कि जो लोग कोविड-19 पॉजीटिव होकर संक्रमित होते हैं। उनके बारे में किसी भी तरह की जानकारी या सूचना सर्वसाधारण के लिए सार्वजनिक प्लेटफार्म पर प्रदर्शित नहीं की जाए।
भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा संक्रमित व्यक्तियों की जानकारी के सम्बन्ध में गोपनीयता बरतने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति की जानकारी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराना नियम विरूद्ध है।
इस संबंध में राज्य शासन के विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी सह स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई ने प्रदेश भर के सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स एवं सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को भी इस संबंध निर्देशित कर उनकी जबाबदारी तय की है। श्री किदवई ने निर्देश दिए है कि प्रशासनिक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इस प्रकार की कोई जानकारी सार्वजनिक प्लेटफार्म पर उपलब्ध न कराई जाये। साथ ही यदि पूर्व में इस प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराई गई है तो ऐसे प्रकरणों की जानकारी को सार्वजनिक प्लेटफार्म से तत्काल विलोपित कराया जाए।
नाम सार्वजनिक करने पर एफआईआर दर्ज होगी
इस संबंध में उज्जैनन कलेक्टर आशीष सिंह ने उक्त निर्देशों के सम्बन्ध में स्पष्ट किया है कि कोरोना पॉजीटिव संक्रमित व्यक्ति की जानकारी यदि सार्वजनिक प्लेटफार्म, व्हाट्सअप या सोशल मीडिया के किसी अन्यर माध्यजम पर शेयर की जाती है, तो सम्बन्धित के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की जाएगी। कलेक्टर ने इस सम्बन्ध में कहा है कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कोरोना पॉजीटिव व्यक्तियों की जानकारी सार्वजनिक न की जाए।
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