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वायरल हो रहा सपाक्‍स जिलाध्‍यक्ष का फेसबुक लाइव, तारासदन कांवेंट पर लगाया आरोप-11 साल के मासूम को दी ऐसी सजा, कि उसका खड़ा होना भी हुआ मुश्किल 
Ajab Gajab
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वायरल हो रहा सपाक्‍स जिलाध्‍यक्ष का फेसबुक लाइव, तारासदन कांवेंट पर लगाया आरोप-11 साल के मासूम को दी ऐसी सजा, कि उसका खड़ा होना भी हुआ मुश्किल 

अशोकनगर, नीरज जैन ‘पैयन’, 7 दिसंबर, न्‍यूज मंच। मध्‍यप्रदेश के अशोकनगर में फेसबुक लाइव के जरिए जन समस्‍याएं उठातें रहने वाले सपाक्‍स पार्टी के जिलाध्‍यक्ष और मीडिया कर्मी रंजीत सिंह यादव का शुक्रवार सुबह किया गया फेसबुक लाइव जमकर वायरल हो रहा है। सपाक्‍स जिलाध्‍यक्ष का यह फेसबुक लाइव अशोकनगर जिले के प्रसिद्ध तारासदन कांवेंट स्‍कूल के अमानवीय चेहरे को उजागर करता है। 

रंजीत यादव ने शुक्रवार सुबह अपने फेसबुक लाइव से तारासदन कांवेंट स्‍कूल की उस घटना का खुलासा किया, जिसमें गुरुवार को स्‍कूल की एक शिक्षिका ने छठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 11 वर्षीय मासूम को ऐसी यातना भरी सजा दी कि वह शुक्रवार को होने वाली अपनी छमाही परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। 

11 साल का मासूम, टीचर ने लगवाईं 100 दंडबैठक, अब सूज गए पैर

अशोकनगर के सपाक्‍स जिलाध्‍यक्ष रंजीत सिंह यादव ने बताया कि शहर के पुराने बस स्‍टैंड पर रहने वाले उनके दोस्‍त नासिर हुसैन (डब्‍बू) का 11 वर्षीय बेटा यासिर हुसैन तारासदन कांवेंट स्‍कूल में 6वीं क्‍लास के ए सेक्‍सन में पढ़ता है। यासिर आम दिनों की तरह गुरुवार को भी स्‍कूल गया था, लेकिन यासिर के बालमन पर यह गुरुवार ऐसी छाप छोड़ गया कि अब उसे स्‍कूल का नाम सुनकर भी डर लगने लगा है। रंजीत यादव ने बताया कि यासिर की किसी गलती पर तारासदन में पढ़ाने वाली आरती नाम की टीचर उससे नाराज हो गईं और उन्‍होंने 11 साल के मासूम को पूरी क्‍लास के बच्‍चों के सामने 100 दंड बैठक लगाने की सजा सुनाई। रंजीत यादव बताते हैं कि यासिर जब दंडबैठक लगा रहा था, तो टीचर खुद गिनती कर रही थीं और टीचर के डर से यासिर को पूरी 100 दंडबैठक लगानी ही पड़ी। छुट्टी के बाद यासिर जब घर पहुंचा, तो उसके पैरे इस कदर सूज गए कि चलना-फिरना तो दूर, उसे खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था। रात में यासिर के पिता ने जब दर्दनिवारक दवा दी, तब उसे दर्द में मामूली राहत तो मिली। लेकिन स्‍कूल में मिली सजा का डर और सजा से मिली शारीरिक तकलीफ के कारण वह शुक्रवार को स्‍कूल नहीं गया, जिससे वह अर्धवार्षिक परीक्षा में शामिल नहीं हो सका। 

टीचर ने किया इंकार, सीसीटीव्‍ही रिकार्डिंग से हुआ खुलासा

शुक्रवार को यासिर के पिता नासिर हुसैन अपने बेटे के साथ हुई बर्बरता की शिकायत करने तारासदन स्‍कूल पहुंचे, तो स्‍कूल प्रबंधन भी अपनी जिम्‍मेदारी के प्रति लापरवाह दिखा। स्‍कूल प्रबंधन ने नासिर हुसैन और उनके साथ मौजूद मीडियाकर्मी रंजीत सिंह यादव को स्‍कूल के मैन गेट पर रोकते हुए प्रवेश की अनुमति नहीं दी। हंगामा बढ़ता देख, स्‍कूल प्रबंधन ने सिर्फ नासिर हुसैन को ही स्‍कूल प्राचार्य से मिलने की अनुमति दी। 
नासिर हुसैन ने जब स्‍कूल प्रिंसी‍पल से उनके स्‍कूल की टीचर की शिकायत की तो, टीचर ने पहले तो इस तरह की घटना से ही इंकार कर दिया, मगर नासिर को उनके बेटे ने पहले ही बता दिया था कि वे स्‍कूल में लगे सीसीटीव्‍ही कैमरों की रिकार्डिंग देखकर उसके साथ हुई अमानवीयता की पुष्टि कर सकते हैं। बेटे द्वारा दी गई सलाह पर अमल करते हुए, नासिर ने स्‍कूल प्रिंसीपल से सीसीटीव्‍ही रिकार्डिंग दिखाए जाने की गुजारिश की। सीसीटीव्‍ही की रिकार्डिंग में दिखाई दिया कि कैसे टीचर ने 11 वर्षीय यासिर से 100 दंडबैठक लगवाईं, इतना ही नहीं रिकार्डिंग में खुद प्रिंसीपल ने भी मासूम यासिर द्वारा लगाई गई दंडबैठकों की गिनती भी की। सीसीटीव्‍ही रिकार्डिंग से साबित हुआ कि यासिर से 100 दंडबैठक ही लगवाई गईं थीं। 

सामने नहीं आ रहा स्‍कूल प्रबंधन 

नासिर के साथ साधना न्‍यूज चैनल के सिटी रिपोर्टर और सपाक्‍स पार्टी के जिलाध्‍यक्ष रंजीत सिंह यादव एक मीडियाकर्मी की हैसियत से मासूम को दी गई यातनापूर्ण सजा पर तारा सदन स्‍कूल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए स्‍कूल गए थे, लेकिन स्‍कूल प्रबंधन ने उन्‍हें मुख्‍य गेट पर ही रोक दिया। इससे जाहिर होता है कि मासूम को यातनापूर्ण सजा देने के मामले में स्‍कूल प्रबंधन कितना गंभीर है। 


कानूनी कार्रवाई का है प्रावधान

राष्‍ट्रीय स्‍तर पर बालअधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्यरत सामाजिक संस्‍था विकास संवाद के प्र‍िसिंपल रिसर्चर अरविंद मिश्रा एक्‍सपर्ट ओपिनियन देते हुए कहते हैं कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत प्रावधान है कि ऐसे शिक्षक जो बच्‍चों को शारीरिक प्रताड़ना देते हैं, उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अरविंद कहते हैं कि अगर बच्‍चे के अभिभावक उनकी संस्‍था के पास लिखित में आवेदन देते हैं, तो उस आधार पर बाल संरक्षण आयोग में शिकायत कर स्‍कूल प्रबंधन और दोषी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। अरविंद कहते हैं कि बाल अधि‍कारों से जुड़ी किसी भी समस्‍या के समाधान हेतू उनके मोबाइल नंबर 9589477370 पर संपर्क किया जा सकता है।

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