
भोपाल, 26 दिसंबर, न्यूज़ मंच, कर्जमाफी तो हो गई लेकिन फिर भी प्रदेश में खाद और यूरिया की कमी को लेकर राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। पर्याप्त मात्रा में यूरिया नहीं मिलने से किसानो की गर्मजोशी और जगह-जगह प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने किसानों की जरूरतों को देखते हुए अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है।
प्रशासनिक फेरबदल बे बाद किसानो पर ध्यान
कमलनाथ ने प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब किसानो की नाराजगी की और प्रमुखता से ध्यान देना शुरू किया है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए मंगलवार को ट्वीट के जरिये कहा, "किसानों का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी अपनी मानसिकता में बदलाव लायें।"
विभागीय लापरवाही के कारण नहीं हो रहा यूरिया का सही वितरण
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार की कोशिशों से पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। रोजाना केंद्र सरकार राज्य को सात रेक यूरिया भेज रही है, परन्तु विभागीय लापरवाही के कारण उसका सही तरिके से वितरण नहीं हो पा रहा है। यूरिया के लिए किसानों को लम्बी कतार में खड़ा होना पड़ रहा है और पुलिस की लाठियां तक खानी पड़ रही है।
किसानो ने किये थे प्रदर्शन
असल में, सोमवार को खाद की कमी से जूझ रहे किसान भाइयों ने सोमवार को प्रदेश के रायसेन, राजगढ़, विदिशा, छतरपुर, टीकमगढ़, गुना आदि जगह पर प्रदर्शन किया। किसानो के इस प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रतिक्रिया दी है।
कमलनाथ का ट्वीट
ट्वीट में सीएम कमलनाथ ने लिखा है कि ये पुरानी सरकार नहीं, जहां किसानों के सीने पर गोलियां तक दाग़ी गयीं। उन्होंने आगे लिखा है कि मेरी सभी ज़िम्मेदारों को खुली चेतावनी है कि वो कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने ना दें। किसानों का दमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यूरिया की आपूर्ति की व्यवस्था का दावा
दरअसल, सरकार के दावे के बावजूद कई शहरों में किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा। रबी फसलों को लेकर चिंतित किसान अब आक्रोशित हो रहे हैं। हालांकि सरकार ने इस संकट से उभरने के लिए केंद्र से बातचीत के बाद यूरिया की आपूर्ति की व्यवस्था कराने का दावा किया है।
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